द्रष्टा विशेष
-
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में बगावत, अधिकारी की जागी अंतरात्मा दे दिया इस्तीफा
-
SIR के खिलाफ 70 वर्षीय मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट में रखीं दलीलें
-
मणिपुर में 3 महिलाओं से दुष्कर्म मामले में 6 आरोपियों पर आरोप तय
-
अपराध के आरोपी सांसदों की मुठ्ठी में हमारी सांसे
-
एपस्टीन फाइल्स : नरपिशाच की पोटली से..
Important post-
-
गणतंत्र का धर्म और श्रीराम की इच्छा
-
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘ क्रूर मौन ’
-
'धन के लिए धर्म को ठुकराने वाले' जनता के जमीर को मारना जानते हैं
-
भारतीय लोकतंत्र को मुठ्ठी में करने की एक और कवायद
-
विधान सभा चुनाव 2022 : क्या जनसमस्याओं को दरकिनार कर नेताओं का चुनाव करेगी जनता?
-
आदमखोर सत्ता के पुजारी
-
एनडीए के 'अमृतकाल' में मणिपुर का सर्वनाश
-
मणिपुर में अराजक हिंसा चरम पर, सेना के अधिकारी का घर से अपहरण
-
अदालतों पर जनता और मीडिया आलोचना कर सकते हैं- सुप्रीम कोर्ट
-
मेरा नाम गांधी है और गांधी किसी से माफी नहीं मांगता है - राहुल गांधी
-
सरकार प्रदूषण को नियंत्रित न कर सकी तो नागरिकों को बनाया बंधक
-
BJP नेताओं के समर्थन से सरकारीतंत्र ने नागरिकों के जीवन को संकट में डाला
-
अमेरिका-चीन व्यापारिक बातचीत संपन्न, ट्रंप ने चीन पर 'फ़ेंटानिल टैरिफ़' कम किया
-
अब मोबाइल फोन स्क्रीन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम
-
बीजेपी नेताओं का आतिशबाज़ी प्रचार सफल, 'रेड जोन' में पहुंचा AQI
-
Coldrif Cough Syrup : बनाने वाली कंपनियों पर ED की छापेमारी
-
Coldrif Cough Syrup : दवाओं की टेस्टिंग में भारी कमी से मर गए अबोध बच्चे
-
GST की अब दो दरें 5% और 18%, दूध, रोटी हुई GST फ्री
-
ट्रम्प ने भारत पर और ज्यादा प्रतिबंध लगाने की दी चेतावनी
-
भ्रष्टाचार के आरोपी गौतम अडानी ने IIM छात्रों को दिया गुरुमंत्र
अध्यात्म एवं संस्कृति
व्यापार
स्वास्थ्य
बीजेपी नेताओं का आतिशबाज़ी प्रचार सफल, ‘रेड जोन’ में पहुंचा AQI
Coldrif Cough Syrup : बनाने वाली कंपनियों पर ED की छापेमारी
भारतीय संविधान में नागरिकों को कई अधिकार मिले हैं। इन अधिकारों को पाने के लिए भारतीय नागरिकों के कुछ कर्तव्य भी हैं। कर्तव्यों का निर्वाह किये बगैर कोई भी नागरिक अपना अधिकार पाने के लिए संकल्पित होकर लड़ नहीं सकता है। महात्मा गॉधी ने कहा था कि ‘‘अधिकारों का जन्म कर्तव्यों की कोख से होता है।’’ भारतीय नागरिकों में कर्तव्यबोध की भावना जागृत करने के उद्देश्य के साथ ‘द्रष्टा फाउंडेशन ’ काम कर रहा है। ताकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
विज्ञान प्रौद्योगिकी
-
ऑपरेशन सिंदूर में बॉर्डर एक और दुश्मन तीन थे - डिप्टी आर्मी चीफ
-
राफेल फाइटर जेट बनाने के लिए टाटा ग्रुप का डसॉल्ट एविएशन के साथ समझौता
-
PM मोदी इजराइली PM बेंजामिन नेतन्याहू का सस्ता वर्जन - बिलावल भुट्टो
-
ट्रम्प ने 8वीं बार किया दावा,उन्होंने ही भारत-पाक जंग रुकवाई
-
Operation Sindoor : भारतीय सांसद दुनिया को बताएंगे अपना पक्ष
-
क्या PM मोदी ने अमेरिकी मध्यस्थता स्वीकार ली है ?- कांग्रेस
-
भारत और पाकिस्तान के DGMO के बीच हुई बातचीत
दिल्ली- एनसीआर
90 सेकेंड में 92 वार, गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या, तिहाड़ में दहशत
नई दिल्ली। गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया की हत्या CCTV में कैद हो गई है। तिहाड़ की हाई सिक्योरिटी जेल में गोगी गिरोह ने 3 हत्यारों ने पहले टिल्लू को नीचे उतारा और फिर ताबड़तोड़ हमले किए। गोगी गिरोह के सदस्य योगेश उर्फ टुंडा (30), दीपक उर्फ तीतर (31), राजेश (42) और रियाज खान (39) ने टिल्लू को बचने का कोई मौका नहीं दिया। वीडियो में हत्यारे 4-5 कैदी टिल्लू को उसके कमरे से खींचकर बाहर घसीटकर निकालते हैं और बाहर बने आंगन में ले आते हैं। यहां उस पर चाकू से वार करते हैं और तब तक वार करते रहते हैं जब तक वह मर नहीं जाता। उसके बाद हत्यारे वहां से चले जाते हैं।
पुलिस ने इस मामले में हत्या (302), हत्या का प्रयास (307) आदि धाराओं में FIR दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार 4 आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि खुद पर हमले और मौत से बेखबर टिल्लू ताजपुरिया जब अपने जेल वाले कमरे के अंदर जाता है, तब पहले से घात लगाए बैठे हत्यारे उसकी ओर दौड़ते हैं और उस पर चाकू से हमले शुरू हो जाते हैं।
जितेंद्र गोगी की रोहिणी कोर्ट में हत्या के बाद गिरोह का हर सदस्य उसका बदला लेना चाहता था। रोहिणी अदालत में गोलीबारी की घटना के आरोपी टिल्लू ताजपुरिया को बचने का कोई मौका नहीं मिला। हत्यारे ताबड़तोड़ वार करते रहे और वे तब तक नहीं रुके जब तक टिल्लू की मौत नहीं हो गई। हत्या के पीछे गोल्डी बरार का हाथ है। उसने फेसबुक पोस्ट कर इसे कंफर्म भी किया है। गैंगस्टर ताजपुरिया की हत्या के बाद से जेल की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
दूसरे राज्यों की तुलना में मज़दूरों का न्यूनतम वेतन दिल्ली में सबसे अधिक -श्रम मंत्री राज कुमार आनंद
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने मज़दूरों का न्यूनतम वेतन बढ़ा दिया है। 1 अप्रैल से वेतन की नई दरें मान्य होंगी। दिल्ली सरकार द्वारा बढ़ाई गई न्यूनतम वेतन की नई दर के अनुसार कुशल श्रमिकों के मासिक वेतन को 20,357 रुपये से बढ़ाकर 20,903 रुपये कर दिया गया है। इसमें 546 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं अर्ध कुशल श्रमिकों के मासिक वेतन को 18,499 रुपये से बढ़ाकर 18,993 रुपये कर दिया गया है। इसमें 494 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
अकुशल मजदूरों के मासिक वेतन को 16,792 रुपये से बढ़ाकर 17,234 रुपये कर दिया गया है। इसमें 442 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इनके अलावा, दिल्ली में सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी हुई है। अब गैर मैट्रिक कर्मचारियों का मासिक वेतन 18,499 से बढ़ाकर 18,993 रुपये कर दिया गया है. इसमें 494 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
मैट्रिक पास और गैर स्नातक कर्मचारियों का मासिक वेतन 20,357 से बढ़ाकर 20,903 रुपये कर दिया गया है। इसमें 546 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। स्नातक स्तर के कर्मचारियों और इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले मजदूरों का मासिक वेतन 22,146 से बढ़ाकर 22,744 रुपये कर दिया गया है। इसमें सबसे अधिक, 598 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली के श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने कहा कि दिल्ली में मजदूरों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन देश के अन्य किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। केजरीवाल सरकार दिल्ली के सभी श्रमिकों को राहत देने के लिए हर 6 महीने में महंगाई-भत्ते को बढ़ाती है।
AAP प्रवक्ता ने कहा, प्रधानमंत्री जी की डिग्री पर इतना रहस्य क्यों ? कुछ तो गड़बड़ है…
नई दिल्ली। कई दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूनिवर्सिटी की डिग्री को विपक्ष के नेता फर्जी करार दे रहे हैं। और PM नरेंद्र मोदी मौन हैं। उनका मौन एक रहस्य पैदा कर रहा है। और देश को गुमराह कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री को लेकर गुजरात हाईकोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हाल ही में जुर्माना लगाया था, जिसके बाद से ही आम आदमी पार्टी PM मोदी को लेकर लगातार हमलावर है। दिल्ली सरकार में मंत्री और AAP प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पिछले कई दिनों से एक बहस चल रही है कि प्रधानमंत्री मोदी जी की डिग्री के विषय में इतना रहस्य क्यों बना हुआ है?
उन्होंने कहा कि जाहिर सी बात है कि आपकी डिग्री और क्वालिफिकेशन तभी तक रहस्य बनी रह सकती है जब तक आप घर बैठे रहें, लेकिन जैसे ही आप कोई दावेदारी करते हैं तो आपको डिग्री बतानी पड़ती है, आप कहीं दाखिला लेने जाते तब भी बताना पड़ता है। उन्होंने कहा कि एक साधारण से साधारण कंपनी चलाने वाले HR के पास भी ये अधिकार है कि वो कर्मचारी की डिग्री यूनिवर्सिटी से वैरिफाई करवा सकते हैं, फिर ये बहस क्यों हैं?
भारद्वाज ने कहा, “प्रधानमंत्री जी की डिग्री पर इतनी चर्चा क्यों हो रही है इसकी कोई जरूरत ही नहीं है, क्यों नहीं तय तरीकों से उनकी डिग्री पर गुजरात यूनिवर्सिटी सामने नहीं आती ? क्यों कोर्ट में लड़ा जा रहा है ? इतना रहस्य क्यों है? कुछ तो गड़बड़ है। इससे चिंता बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि एक जगह सवाल पूछा जा रहा था कि क्या प्रधानमंत्री बनने के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की अनिवार्यता है? नहीं है प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बनने के लिए कोई शैक्षिक योग्यता की जरूरत नहीं है। प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद का सदस्य होना ही अनिवार्य है। लेकिन यहां सवाल नैतिकता का है, क्या ऐसा व्यक्ति जिसने अपनी डिग्री भी नकली बना रखी हो, उनको सांसद, मंत्री या प्रधानमंत्री होना चाहिए ? तो जवाब है नहीं। उन्होंने कहा कि जब डिग्री मांगी जाती है तो उसमें रहस्य रखा जाता है।
भाजपा के AAP पर भ्रष्टाचार के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए डिग्री का मामला उछालने के आरोप पर उन्होंने कहा कि हम भाजपा से कह रहे हैं कि आप क्यों ध्यान भटकाने दें रहे हैं, डिग्री की जानकारी दे दीजिए और फिर पूरे दिन एक्साइज मामले पर चर्चा कीजिए।
उत्तर प्रदेश
CBI की विशेष अदालत ने पूर्व सांसद अतीक अहमद समेत अन्य अभियुक्तों के खिलाफ किये आरोप तय
इलाहाबाद के बहुचर्चित बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में सपा के पूर्व सांसद अतीक अहमद के खिलाफ भी CBI की विशेष अदालत ने आरोप तय कर दिया है। करीब 17 साल पुराने मामले में इस हत्याकांड मामले में अतीक के भाई व पूर्व विधायक अशरफ उर्फ खालिद अजीम समेत सात अभियुक्तों पर पहले ही आरोप तय हो चुका है। विशेष जज कविता मिश्र ने अतीक व अशरफ समेत सभी आठ अभियुक्तों पर आरोप तय होने के बाद अब CBI को अपना गवाह पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने इस मामले में अभियोजन पक्ष के साक्ष्य दर्ज करने के लिए 3 नवंबर की तिथि तय की है।
गुरुवार को विशेष अदालत के समक्ष अभियुक्त पूर्व सांसद अतीक अहमद को कड़ी सुरक्षा के बीच गुजरात की साबरमती जेल से लखनऊ स्थित सीबीआई की विशेष अदालत की न्यायाधीश कविता मिश्रा के समक्ष पेश किया गया। करीब साढ़े 12 बजे पेश किए गए अभियुक्त अतीक को आरोप तय होने के बाद साढ़े चार बजे वापस भेज दिया गया। वहीं, मामले के दो अन्य अभियुक्तों अशरफ और फरहान को लखनऊ जिला जेल से लाया गया। जमानत पर छूटे अभियुक्त रंजीत पाल, आबिद, इसरार अहमद और जुनैद भी अदालत में मौजूद थे। इन सभी अभियुक्तों पर हत्या करने, साजिश रचने और कत्ल की कोशिश करने के आरोप तय किए गए। सभी अभियुक्तों ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों से इनकार किया।
UP में भी होगी हिंदी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई : CM योगी
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की भोपाल में घोषणा के बाद यूपी के CM योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश हिंदी में भी मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम पढ़ाना शुरू करेगा। योगी ने ट्वीट किया, ‘मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की कुछ पुस्तकों का हिंदी में अनुवाद किया गया है. आने वाले वर्षों में छात्र इन विषयों का हिंदी में अध्ययन कर सकेंगे’। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में पिछले 232 दिनों से 97 विशेषज्ञों की टीमें किताबें तैयार करने में जुटी हैं। वे पुस्तकों का अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के चिकित्सा मंत्री विश्वास सारंग ने रविवार को कहा कि इस कदम से हिंदी माध्यम की उन्नति में बड़ा बदलाव आएगा। >D>
बिहार -झारखण्ड
अपराधियों ने दी नीतीश सरकार को दी खुली चुनौती, अंधाधुंध फायरिंग में 10 घायल,एक की मौत
बेगूसराय में बेखौफ बदमाशों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। अपराधियों ने बिहार पुलिस और नीतीश सरकार दोनों को खुली चुनौती देते हुए एक घंटे तक एनएच पर 30 किलोमीटर से ज्यादा अंधाधुंध फायरिंग की जिसमें एक की मौत हो गई जबकि दस लोग घायल हो गए। मंगलवार की शाम 4 से 5 बजे के बीच बेगूसराय जिले के एक कोने बरौनी थर्मल चौक पर फायरिंग की शुरुआत हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दो बाइक पर सवार पांच क्रिमिनल ने थर्मल चौक पर तीन लोगों को गोली मार दी और फिर एनएच से ही बीहट की तरफ भाग गए।
CM नीतीश कुमार को बीजेपी के तिकड़म का डर ,अमित शाह का हाथ होने की आशंका
पटना। महाराष्ट्र में बीजेपी की तिकड़म वाली राजनीती देख नितीश कुमार सहम गए हैं। बिहार की राजनीती पर महाराष्ट्र के
JDU के अध्यक्ष ललन सिंह और पार्टी के पूर्व नेता आरसीपी सिंह आमने-सामने
पटना। भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे आरसीपी सिंह JDU छोड़ चुके हैं लेकिन बिहार में राजनीतिक बयानबाजी हर बीतते दिन
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़
एक साथ पूरे परिवार ने लगाई सामूहिक फांसी,फोरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोहद इलाके में एक पूरे परिवार ने सामूहिक फांसी लगा ली है। इस
मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश और OBC आरक्षण का महत्व
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में अब किसी भी समय पंचायत और निकाय चुनाव का बिगुल बज सकता है। सुप्रीट कोर्ट