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अदालतों पर जनता और मीडिया आलोचना कर सकते हैं- सुप्रीम कोर्ट
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भारतीय संविधान में नागरिकों को कई अधिकार मिले हैं। इन अधिकारों को पाने के लिए भारतीय नागरिकों के कुछ कर्तव्य भी हैं। कर्तव्यों का निर्वाह किये बगैर कोई भी नागरिक अपना अधिकार पाने के लिए संकल्पित होकर लड़ नहीं सकता है। महात्मा गॉधी ने कहा था कि ‘‘अधिकारों का जन्म कर्तव्यों की कोख से होता है।’’ भारतीय नागरिकों में कर्तव्यबोध की भावना जागृत करने के उद्देश्य के साथ ‘द्रष्टा फाउंडेशन ’ काम कर रहा है। ताकि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।
विज्ञान प्रौद्योगिकी
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दिल्ली- एनसीआर
दिल्ली में बिजली हुई महंगी, अब 100 रुपए के बिल में 8 रुपए अधिक देना होगा
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट 9.46 प्रतिशत बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद से विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार को कोसना शुरू कर दिया है। दिल्ली विद्युत नियामक आयोग ने पावर डिस्कॉम, बीवाईपीएल और बीआरपीएल की मांग स्वीकार कर ली है, जिसमें उन्हें दरें बढ़ाने की अनुमति दी थी। इस फैसले से 8 प्रतिशत बिजली महंगी हो जाएगी। हालांकि दिल्ली सरकार ने कहा कि इस बढ़ोत्तरी का उपभोक्ताओं पर सीधा असर नहीं पड़ेगा। लेकिन 200 यूनिट से ऊपर बिजली खर्च होने के बाद बढ़ा हुआ चार्ज देना पड़ेगा।
दिल्ली की बिजली मंत्री आतिशी ने सोमवार को शहर की बिजली खरीद समायोजन लागत (PPAC) में 8 फीसदी की बढ़ोतरी के लिए केंद्र पर निशाना साधा। पत्रकारों से बात करते हुए, आम आदमी पार्टी (AAP) नेता ने कहा कि दिल्ली में बिजली दरें केवल केंद्र सरकार के कुप्रबंधन और कोयला ब्लॉकों की बढ़ती दरों के कारण बढ़ रही हैं।
दिल्ली सरकार के हाथ में प्रसाशनिक नियंत्रण मिलते ही वरिष्ठ नौकरशाह को लगा डर सताने
नई दिल्ली। बुजुर्ग नौ वर्षीय आशीष मोरे ने दिल्ली के सौर मंत्री भारद्वाज के खिलाफ मुख्य सचिव और उपराज्यपाल से गैर-जिम्मेदाराना आरोप लगाते हुए शिकायत की है। इस पर आम आदमी पार्टी ने कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए उपराज्यपाल की ओर से साजिश रची जाने का आरोप लगाया है। आशीष मोरे को 11 मई को दिल्ली की सेवा के सचिव के पद से हटा दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसमें कहा गया था कि गैरों के स्थानांतरण और पोस्टिंग पर उपराज्यपाल का नहीं बल्कि दिल्ली सरकार का नियंत्रण होगा, कुछ ही घंटों बाद पद से हटा दिया गया था।
आशीष मोरे ने आरोप लगाया कि 16 मई को मंत्री ने उन्हें अपने चेंबर में बुलाकर बदलालू की और धमकी दी। मोरे ने इस मामले में सरकार से कार्रवाई की मांग की है और अपने लिए सुरक्षा की मांग की है। दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने अधिक आरोपों को खारिज करते हुए कहा, “अगर वह दावा करते हैं कि मैंने उन पर शारीरिक हमला किया है, तो हम क्या कर सकते हैं।” उन्होंने दोहराया कि सरकार की ओर से भेजे गए और पत्रों ने उन्हें स्वीकार नहीं किया, भले ही वे अपने आवास पर हों।
मंत्री ने बताया कि अरविंद केजरीवाल ने सुप्रीम कोर्ट के बड़े फैसले के दिन ही घोषणा कर दी थी कि अधिकारियों में बड़े-बड़े अधिकारी काम करेंगे और जो लोग सार्वजनिक कार्यों में बाधा आएंगे उन्हें हटा देंगे, ताकि बेहतर अधिकारियों को लाया जा सके।
भारद्वाज ने कहा, “मैंने 11 मई को ही सेवा सचिव को बदलने का फैसला किया, और वे गायब हो गए। वे कुछ दिनों बाद वापस और तलमटोल करने लगे। आखिरकार हमने उप राज्यपाल (एलजी) वीके सक्सेना को इससे संबंधित प्रस्ताव भेजा। लेकिन उन्होंने अभी तक उसे मौज़ूद नहीं दिया।”
मंत्री ने कहा कि उनके सूत्रों ने उन्हें सूचित किया है कि उप राज्यपाल कॉल द्वारा अधिकारियों को “धामकी” दे रहे हैं, उन्हें निर्देश दे रहे हैं कि वे सभी कुछ जिम्मेदारी पर बने रहें क्योंकि केंद्र जल्द ही इस (अधिकाधिकारियों की पोस्टिंग और स्थानांतरण पर नियंत्रण) ) पर एक यादगार। सौरभ भारद्वाज ने कहा, “आज हमारे सभी मंत्री उप राज्यपाल से मिलने जाएंगे और उनसे पूछेंगे कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले को क्यों नहीं मान रहे हैं। वे फाइल पास क्यों नहीं कर रहे हैं।” दिल्ली की जिम्मेदारी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्विटर पर सौरभ भारद्वाज के दावों को दोहराया।
उन्होंने ट्वीट किया, ”एलजी सुप्रीम कोर्ट के आदेश क्यों नहीं मान रहे? दो दिन से सैकड़ों क्रेटरी की फाइल साइन क्यों नहीं की? कहा जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट का अगला फैसला आर्डिनेंस लाकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश पलटने वाला है? क्या केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पलटने की साज़िश कर रही है? क्या एलजी साहिब आर्डिनेंस का इंतजार कर रहे हैं, इसलिए फाइल साइन नहीं कर रहे हैं?”
अशोक मोरे को चार दिन पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तब उन्हें अपना पद वापस लेने के लिए कहा गया था। नौवें मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि मोरे ने अप्रत्याशित रूप से छोड़ दिया और अपना फोन बंद कर दिया।
बयान में कहा गया है कि, “मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सेवा सचिव आशीष मोरे को सेवा विभाग के सचिव के पद पर एक नए अधिकारी के स्थानांतरण के लिए फाइल पेश करने का निर्देश दिया। हालांकि, आशीष मोरे ने अप्रत्याशित रूप से मंत्री के रूप में घोषणा की। सूचित किए बिना विचार छोड़ दिया। वे बाहर पहुंच गए और उनका फोन भी स्विच ऑफ हो रहा था। अधिक मंत्रालय की ओर से “राजनीतिक रूप से तटस्थ” नहीं होने का भी आरोप लगाया गया है।
जनता के काम रोकने वालों को अपने कर्मों का फल भुगतना होगा- CM केजरीवाल
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल के बीच लंबे समय से चली आ रही अधिकारों की जंग पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया। 5 जजों की संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से यह आदेश दिया है कि दिल्ली में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास ही अफसरों के ट्रांसफर और पोस्टिंग का अधिकार होगा। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। जनता के काम रोकने वालों को अपने कर्मों का फल भुगतना होगा।
सीएम केजरीवाल ने कहा कि बहुत जल्दी दिल्ली में प्रशासनिक बदलाव देखने को मिलेगा। अधिकारियों के कामकाज के आधार पर उनके ट्रांसफ़र या बदलाव किए जायेंगे. जो काम नहीं करना चाहते हैं, काम रुकवाना चाहते हैं। उन्हें हटाया जाएगा उन्हें बदला जाएगा। लेकिन जो अधिकारी ईमानदारी और पूरी मेहनत से काम कर रहे हैं उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। उन्हें बड़े पदों पर लाया जाएगा।
केजरीवाल ने कहा, “आज हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले के लिए संविधान पीठ की सभी जजों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं। अदालत ने हमारे साथ न्याय किया है। इस संघर्ष में दिल्ली की जनता ने मेरा साथ दिया। यह दिल्ली की जनता के आशीर्वाद की जीत है।” उन्होंने कहा कि एलजी से निवेदन करेंगे कि काम में टांग ना अड़ाएं. उन्होंने ऐलान किया कि नाकाबिल और भ्रष्टाचारी अफसरों को हटाएंगे, ईमानदारों को ऊंचे पदों पर बैठाएंगे। जनता का काम रोकने वालों को कर्म का फल भुगतना होगा।
CM ने कहा, “आज के आदेश के बाद दिल्ली में 10 गुना स्पीड से काम होगा। दिल्ली के लोगों को ऐसा प्रशासन देना है, जो जिम्मेदार हो। अगले कुछ दिनों में बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होगा। कई अधिकारियों को उनके ट्रैक रिकॉर्ड और फरफॉर्मेंस के आधार ट्रांसफर किया जाएगा। पूरे सिस्टम को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा. शिक्षा और स्वास्थ्य के मॉडल के बाद जनता के सामने गवर्नेंस का मॉडल रखेंगे।
केजरीवाल ने कहा, “बहुत से ऐसी पोस्ट हैं, जिनकी ज़रूरत नहीं है। इनको चिन्हित करके खाली करेंगे या खत्म करेंगे. जहां-जहां ज्यादा जरूरत है वहां नई पोस्ट क्रिएट करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि अब हम नई पोस्ट क्रिएट कर सकते हैं या रिक्रूटमेंट कर सकते हैं। ACB हमारे पास नहीं है, लेकिन विजिलेंस है। ऐसे में हम करप्शन पर भी एक्शन ले सकते हैं। ”
चीफ जस्टिस ने क्या कहा?
अदालत ने फैसला दिया कि पुलिस, कानून-व्यवस्था और प्रॉपर्टी को छोड़कर दिल्ली में प्रशासन पर नियंत्रण चुनी हुई सरकार का होना चाहिए। चीफ जस्टिस ने कहा कि चुनी हुई सरकार के पास अफसरों पर नियंत्रण की ताकत ना हो, अधिकारी मंत्रियों को रिपोर्ट करना बंद कर दें या फिर उनके निर्देशों का पालन ना करें तो जवाबदेही के नियम के मायने नहीं रह जाएंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि राज्य के मामलों में केंद्र का इतना दखल ना हो कि नियंत्रण उसी के हाथ में चला जाए। दिल्ली का किरदार अनूठा है, वह दूसरे केंद्र शासित प्रदेशों जैसी नहीं है। दिल्ली भले ही पूर्ण राज्य ना हो, लेकिन इसके पास कानून बनाने के अधिकार हैं।
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश के हर मंडल में बनेगा एक IT पार्क,नई सूचना प्रौद्योगिकी नीति को मिली मंजूरी
लखनऊ (भाषा) उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने राज्य की नई सूचना प्रौद्योगिकी (IT) नीति को बुधवार को मंजूरी दे दी। इसके तहत हर मंडल में एक IT पार्क बनाया जाएगा। राज्य सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में नई IT नीति को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत हर क्षेत्र (पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड) में IT सिटी बनाने और हर मंडल में एक IT पार्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने बताया कि नई नीति के तहत अगर निजी क्षेत्र के निवेशक IT पार्क बनाते हैं, तो उन्हें 25 प्रतिशत या 20 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही स्टाम्प शुल्क में 100 प्रतिशत तक छूट मिलेगी। वहीं, IT सिटी को विकसित करने पर प्रदेश सरकार 25 प्रतिशत या 100 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी प्रदान करेगी। यदि कोई निवेशक IT सिटी बनाने का इच्छुक है तो यथा प्रकरण अलग-अलग तरह की सुविधाएं मिलेंगी।
ज्ञानवापी में मिले कथित ‘शिवलिंग’ वाली जगह का अगले आदेश तक जारी रहे संरक्षण -सुप्रीम कोर्ट
वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में सर्वे के दौरान मिली शिवलिंग जैसी संरचना के संरक्षण की सीमा बढ़ाने पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। CJI डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने अहम फैसला सुनाते हुए अगले आदेश तक वजूखाने का संरक्षण जारी रखने का आदेश दिया है, जहां से ‘शिवलिंग’ मिला था। कोर्ट ने सभी पक्षों से तीन हफ्तों में हलफनामा दाखिल करने के लिए कहा है।
देश में पहली बुलेट ट्रेन का संचालन साल 2026 से शुरू होगा, सर्वे पूरा – रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार की सुबह वाराणसी पहुंचे। रेल मंत्री ने बताया कि वाराणसी के लिए बुलेट ट्रेन का सर्वे पूरा हो चुका है। उन्होंने कहा कि हम बुलेट ट्रेन के सर्वे और उसकी पूरी व्यवहार्यता का अध्ययन कर रहे हैं नई तकनीक के साथ नई परियोजना शुरू करने पर बहुत कुछ सीखने की जरूरत है। हर कोई सिस्टम को आत्मसात कर रहा है और उससे सीख रहा है। एक बार परियोजना में और विकास होने के बाद देश भर में नए कोरिडोर को भी शामिल किया जाएगा।
बिहार -झारखण्ड
BJP प्रदेश अध्यक्ष से मिले उपेंद्र कुशवाहा, बनाएंगे नई पार्टी
पटना। JDU को छोड़कर नई पार्टी बनाने के ऐलान के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने मंगलवार को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल से मुलाकात की। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष उनसे मिलने के लिए पहुंचे थे। बीजेपी नेता से मुलाकात के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि संजय जायसवाल मेरे पुराने मित्र रहे हैं। मैंने नई पारी की शुरुआत की है तो वो मुझसे मिलने पहुंचे थे। साथ ही उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि पहले से बातचीत चल रही थी तो मैं यह कहना चाहूंगा कि मैंने इन बातों को बड़े भाई (नीतीश कुमार) से ही सीखा है। उन्होंने जिस तरह से एक ही दिन में पद से त्यागपत्र दे दिया और उसके दूसरे ही दिन शपथ ले ली उससे मैंने भी सीखा है। साथ ही उन्होंने एक बार भी उस आरोप को दोहराया कि जदयू और राजद के बीच डील हो चुकी है। नीतीश कुमार ने कई बार कहा है कि तेजस्वी यादव ही उनके उत्तराधिकारी होंगे।
गौरतलब है कि जनता दल (यूनाइटेड) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने अपना अगला क़दम सोमवार को साफ़ कर दिया था। उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार की पार्टी से अलग होने का ऐलान कर दिया था। कुशवाहा ने अपनी अलग पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक जनता दल’ का निर्माण किया है। इससे पहले कुशवाहा ने पटना में अपने समर्थकों की बैठक बुलाई थी, जिसमें विभिन्न ज़िलों से जेडीयू के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए थे।
कुशवाहा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा था कि नीतीश कुमार पार्टी को यहां तक लेकर आए, ये उन्होंने बहुत अच्छा किया. लेकिन इस सफर का अंत वह अच्छा नहीं कर रहे हैं। 2020 में जो विधानसभा का चुनाव हुआ था, उसके बाद हम उनके साथ आ गए थे। उस वक्त बिहार की जनता का जो आदेश नीतीश कुमार और हमें मिला था, उसे देखते हुए हम साथ आए थे। नीतीश कुमार ने हमें बुलाया और हम सब कुछ न्यौछावर करके आ गए थे।
वैशाली में ट्रक चालक ने एक दर्जन लोगों को रौंदा, छह बच्चों समेत आठ की मौत
बिहार के वैशाली में रविवार की रात एक ट्रक चालक ने दर्जनों लोगों को रौंद दिया। इस दर्दनाक हादसे में मरने वाले बच्चों की संख्या अधिक है। महनार हाजीपुर मुख्य मार्ग पर देसरी थाना क्षेत्र के नयागांव टोला के नजदीक एक अनियंत्रित ट्रक चालक ने सड़क किनारे पूजा कर रहे करीब एक दर्जन लोगों को रौंद दिया। हादसे में छह बच्चों समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है।
झारखंड के CM हेमंत सोरेन को ED ने अवैध खनन मामले में 17 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया
झारखंड में अवैध खनन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 17 नवंबर को रांची कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया है। सोरेन ने ED से तीन हफ्ते का समय मांगा था। इससे पहले हेमंत सोरेन को 3 नवंबर को ED के सामने पेश होना था, लेकिन वह नहीं गए थे।
मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़
दो अज्ञात बदमाशों ने घर में घुसकर भाजपा नेता को मारी गोली
रायपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाके नारायणपुर में एक भाजपा नेता की दिनदहाड़े घर में घुसकर हत्या कर दी गई। यह घटना उस वक्त हुई जब भाजपा नेता अपने घर में बैठे टीवी देख रहे थे। मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो लोग उनके घर में घुसे और दो फायर कर मौके से फरार हो गए। बस्तर IG के मुताबिक आरोपियों की तलाश के लिए इलाके में नाकेबंदी कराई गई है। हालिया दिनों में भाजपा नेताओं पर हमले बढ़ गए हैं। कुछ दिनों पूर्व बीजापुर में एक भाजपा नेता की हत्या कर दी गई थी।
जानकारी के मुताबिक, भाजपा के जिला उपाध्यक्ष सागर साहू अपने घर में बैठकर टीवी देख रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात हमलावर उनके घर में घुसे और उनके सिर में दो फायर किए। भाजपा नेता को गोली लगने के बाद आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सूत्रों के मुताबिक, हत्या का शक नक्सलियों पर जताया जा रहा है। बस्तर के आईजी सुंदर राज ने बताया कि मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात व्यक्ति आए थे, जिन्होंने घर में घुसकर गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए नाकेबंदी कराई है और उनकी तलाश की जा रही है।
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में भाजपा नेताओं पर हमले बढ़ गए हैं। हाल ही में नक्सल प्रभावित बीजापुर में माओवादियों ने भाजपा मंडल अध्यक्ष नीलकंठ कक्केम की हत्या कर दी थी। साधारण वेशभूषा में पहुंचे माओवादियों ने कक्केम के परिवार के सामने ही उनकी हत्या कर दी और जंगल में भाग निकले थे।
मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, टॉर्च की रोशनी में करानी पड़ी महिला की डिलीवरी
मध्यप्रदेश में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा के बीच में अस्पताल ले जाते हुए एंबुलेंस का डीजल रास्ते में ही खत्म हो गया। मजबूरन, पीड़ित परिवार को महिला की डिलीवरी बीच रास्ते में ही करानी पड़ी। स्वास्थ्य व्यवस्था की यह बदहाली पन्ना जिले के शाहनगर क्षेत्र के बनौली का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ये घटना शुक्रवार शाम कि है। बनौली गांव की रहने वाली रेशमा को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस इमरजेंसी सुविधा के लिए फोन किया। एंबुलेंस गांव पहुंची और महिला को लेकर शाहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए रवाना हुई। लेकिन एंबुलेंस इससे पहले की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचती उससे पहले ही रास्ते में उसका डीजल खत्म हो गया। जिस जगह एंबुलेंस का डीजल खत्म हुआ वो एक सुनसान सड़क थी।
मृत बहू का ब्लेड से पेट चिरवाकर ससुराल वालों ने बच्चे को निकाला बाहर
><श्मशानघाट में स्वीपर से पोस्ट मार्टम करने का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक गर्भवती महिला की मृत देह से बच्चेदानी को अलग कर रहे महिला के ससुराल वाले और स्वीपर दिखाई दे रहे है। इस क्रूर घटना की वीडियो मध्य प्रदेश के जबलपुर का है। इस दिल दहला देने वाले मामले में 8 महीने की गर्भवती बहू के शव का पेट कटवाकर ससुरालवालों ने बच्चा निकलवाया है। बताया जा रहा है कि इस करतूत को ढोलक बजाने और स्वीपर का काम करने वाले शख्स ने अंजाम दिया। उसने ब्लेड से शव का पेट फाड़ा और पेट से बच्चे के शव निकाला। जिसके बाद बहू का अंतिम संस्कार किया। और बच्चे के शव को भी श्मशान में अलग दफनाया गया। इसका खुलासा पुलिस के पास पहुंचे वीडियो से हुआ।
मप्र के जबलपुर में सनसनी मचाने वाला यह मामला ग्रामीण इलाके पनागर में सामने आया। जहां अंतिम संस्कार के लिए श्मशानघाट पहुंचे गर्भवती मृत महिला के शव के साथ खिलवाड़ किया गया। जबलपुर में बरेला के पड़वार की रहने वाली राधा लोधी की शादी 24 अप्रैल 2021 को पनागर के गोपी पटेल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही राधा को ससुराल वाले प्रताड़ित करने लगे थे। 25 वर्षीय राधाबाई की 17 सितंबर को जब तबियत ज्यादा बिगड़ी और उसकी मौत हो गई थी।