CJP की सभी मांगों के साथ धर्मेंद्र प्रधान का हुआ इस्तीफा, छात्रों ने मेलोडी चॉकलेट खिलाकर धरना किया ख़त्म

केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बातचीत के बाद CJP प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग शामिल थी।

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नई दिल्ली / द्रष्टा डेस्क। NEET पेपर लीक मामले को लेकर नई दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 36 दिनों से चल रहा छात्रों का धरना आज  25 जुलाई को सफल हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की सभी मांगों को मानते हुए धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लिया है। अपनी सफलता के बाद छात्रों ने नरेंद्र मोदी की फेवरेट मेलोडी टॉफी राहगीरों में बाँटते हुए धन्यवाद किया। इसी के साथ कॉकरोच जनता पार्टी ने आंदोलन को खत्म करने का ऐलान किया है। साथ ही आंदोलन से जुड़े छात्रों से अपने घर लौटने की अपील की है।

क्या थी CJP की मांगे?
CJP की इन प्रमुख मांगों में सबसे पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी, जो अब पूरी हो चुकी है। इसके अलावा दूसरी बड़ी मांग NEET धांधली और पेपर लीक के तनाव में आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा देना है।
तीसरी मांग 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है,
और चौथी सबसे महत्वपूर्ण मांग नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बुनियादी सुधार व भविष्य के लिए पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू करना है। CJP का साफ कहना है कि जब तक सरकार इन सभी मांगों को मानकर लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक देशभर में यह आंदोलन और धरना जारी रहेगा। इसके अलावा CJP की यह भी मांगे हैं कि, प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं के खिलाफ दर्ज पुलिस केस/एफआईआर को रद्द करना और उनके खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई न करने का लिखित आश्वासन देना भी शामिल है।

कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार ने सभी मांगों को स्वीकारा

शनिवार को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में बातचीत के बाद CJP प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार ने उनकी सभी मांगों को मान लिया है। जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, केस वापस लेने और नीट पीड़ितों को एक करोड़ मुआवजा देने की मांग शामिल थी।
केंद्र सरकार की ओर से सभी मांगों को मान लिए जाने के बाद सीजेपी प्रतिनिधि सौरभ दास व आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी।

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इस दौरान सीजेपी प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों की जिक्र किया और बताया कि सरकार ने सभी मांगे मान ली। इसके साथ ही उन्होंने तत्काल प्रभाव से आंदोलन खत्म करने का एलान किया।
इससे पहले सीजेपी प्रतिनिधियों और सरकार के बीच मांगों को लेकर 20 व 24 जुलाई को भी वार्ता हुई थी। जिसमें 20 जुलाई को जेपी नड्डा के घर पर सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ हुई पहली मुलाकात में उन्होंने इन मांगों को रखा था।

इसके बाद 24 जुलाई को सरकार और सीजेपी के बीच दूसरी बैठक कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में हुई। जिसमें सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छोड़कर उनकी दोनों मांगों पर सैद्धांतिक रूप से अपनी सहमति दी थी।

परीक्षा सुधार पर सीजेपी ने सौंपा चार्टर
सीजेपी ने सरकार को पांच बिंदुओं वाला एक चार्टर भी सौंपा है। जिसके अमल को लेकर चार हफ्ते के बाद फिर से चर्चा करने को लेकर दोनों के बीच सहमति जताई गई है। सीजेपी के चार्टर के मुताबिक एनटीए को भंग करने और एक स्वायत्त नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाया जाए। जहां स्थाई स्टाफ हो।

कैग से हर साल उसके वित्तीय व प्रदर्शन की ऑडिट करायी जाए। एसएससी को भी कमीशन का कानूनी दर्जा दिया जाए। अधिसूचना के एक साल के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जाए। पेपर लीक या परीक्षा रद होने आदि पर प्रत्येक छात्र को दस हजार का मुआवजा दिया जाए। वहीं यदि कोई परीक्षा किसी आपात स्थिति में रद की जाए, तो उसे 72 घंटे में फिर कराया जाए।

OMR शीट व उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन करके मूल्यांकन कराने की जगह फिजिकल मूल्यांकन सुनिश्चित किया जाए। वहीं राज्यों को इसकी छूट दी जाए कि वह अपने कोटे की मेडिकल सीट के लिए नीट परीक्षा से बाहर हो सके। नीट का पाठ्यक्रम तय करने में राज्यों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए।

सरकार ने सीजेपी की मांगों को मान लिया- जेपी नड्डा

कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत के बाद, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, ‘आज हमारी लंबी बातचीत हुई है। वे एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं। इसके साथ ही, हमने दो अन्य मांगों पर भी चर्चा की , कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए, मुआवजा दिया जाना चाहिए और उनके पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाना चाहिए। हम उन्हें FIR की कॉपी उपलब्ध कराएंगे और कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। दूसरी बात जो कही गई है, वह मुआवजे के संबंध में है, सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हमारी भी सहानुभूति है और हम सभी ने कहा है कि नियमों और विनियमों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। जो भी अधिकतम संभव होगा, वह उन्हें दिया जाएगा। ’

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चार हफ्ते बाद फिर बैठक होगी- सौरभ दास
सीजेपी प्रतिनिधि, सौरभ दास ने कहा कि हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट भी साझा किया है। जो मांगे सरकार ने मानी है, उसे लेकर मंगलवार तक लिखित में सहमति देने का आश्वासन किया है। हमने सरकार के सामने परीक्षा में सुधार को लेकर पांच बिंदुओं का एक प्रस्ताव रखा है। जिस पर चार हफ्ते बाद फिर बैठक होगी।

हमारी सभी मांगों को मान लिया गया, आंदोलन खत्म- आशुतोष रांका
वहीं सीजेपी प्रतिनिधि, आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ हमारी तीन बार बातचीत हुई। हमारी तीन मांगे थी, इनमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों पर हुए केस वापस और भविष्य में कोई एक्शन न लिए जाएं, वहीं मृतकों को एक करोड़ मुआवजा देने की थी। हमारी सभी मांगों को मान लिया गया है। हम आंदोलन तुंरत खत्म करने कर रहे है।

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