प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘ क्रूर मौन ’

इस बार 130 करोड़ लोगों के स्वाभिमान पर चोट लगा है। सरकार की योजनाएं और विकास का लालच स्वाभिमानी नागेिरकों के घाव को भरने में सक्षम नहीं है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहे जितने भी विकास के डिंगे हांक लें या कंकड़ पत्थर जोड़कर निर्माणकार्यों को विकास का नाम दे दें। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘कु्रर मौन’ जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ कर रहा है। जिसे देश का स्वाभिमानी नागरिक कभी बर्दाश्त नहीं करेगा।