नई दिल्ली। समाज में आतंक मचा रहा स्वतंत्र भारद्वाज को भारी जान दबाव में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को गिरफ़्तार कर लिया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर स्वतंत्र भारद्वाज ने 23 जून 2026 को निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला कर मारने की कोशिश की थी। बीजेपी के बड़े नेताओं से स्वतंत्र भारद्वाज का संपर्क था। सरकार की चाटुकारिता में दिल्ली पुलिस उसे बचा रही थी।
मुसलामानों को चिन्हित कर धमकियां देने और गालियों के साथ मार पीट कर सोशल मीडिया में वीडियो पोस्ट कर कानून की धज्जियां उड़ाने वाले स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली -एनसीआर की पुलिस प्रशासन का सहयोग प्राप्त था। वह कई महीनों से पोस्टर और वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये नागरिकों में नफ़रत ,हिंसा और असहनशीलता बढ़ा रहा था। पुलिस के सहयोग से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर स्वतंत्र भारद्वाज ने निशु आजाद के पिता पर जानलेवा हमला कर मारने की कोशिश की थी।
दिल्ली छात्र आंदोलन: जब क़ानून के रखवालों ने खुलेआम कानून की उड़ाई धज्जियाँ
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली पुलिस को क्यों माना अपना दुश्मन ?
सोशल मीडिया में मौजूद पुलिस और भाजपा नेताओं के साथ स्वतंत्र भारद्वाज के तमाम नफरती वीडियो से प्रदर्शनकारी नौजवान दिल्ली पुलिस को अपना दुश्मन मान बैठे। पुलिस पर अविश्वास के कारण प्रदर्शनकारियों ने कई पुलिस कर्मियों को प्रतिउत्तर में पीटा भी। (CJP) के प्रदर्शनकारियों को आतंकित करने के लिए स्वतंत्र भारद्वाज और उसके साथियों ने सोशल मीडिया के जरिये स्पष्ट रूप से बताया कि वह कट्टर हिंदूवादी हैं वह संविधान को नहीं मानते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी नेता कपिल मिश्रा, चिराग पासवान, सम्राट चौधरी उनको भाई कि तरह मानते है। कानून से हम बच जायेंगे पुलिस हमारे साथ है। कॉकरोच जनता पार्टी के लोग चीख -चीख कर इन आतंकियों की गिरफ्तारी के लिए कहते रहे लेकिन पुलिस ने कोई करवाई नहीं की।
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सामाजिक आतंकी स्वतंत्र भारद्वाज का कबूलनामा
2 महीने बीत जाने के बाद एक पॉडकॉस्ट में सामाजिक आतंकी स्वतंत्र भारद्वाज ने खुद कबूल किया कि ”हमको तुमसे नफ़रत है मौका खोजते हैं कि मुस्लिम कोई गलती करे और हम तुम्हारी मान बहन एक कर दें। हम तो मौके की तलाश में हैं।” अगर तुमको यह लग रहा है कि हम रियल लाइफ हीरो हैं नहीं हम रील लाइफ हीरो हैं हम खुद कह रहे हैं। एक्सेप्ट कर रहे हैं इन चीजों को , हम एक ही पार्टी बनाएंगे मुल्ला मुक्त भारत।
नीतू के बाप का सर फाड़े आप को पता है इसमें कौन सी धारा लगती है। हाल्फ मर्डर 307 सर पर सात टांका लगा हुआ था। बंदा मरने कि स्थिति में एम्बुलेंस पर जा रहा था उसकी बेटी थाना के बाहर खड़े होकर कह रही थी अगर मेरे बाप को इंसाफ नहीं मिला तो हम जहर खा कर मर जायेंगे , ठीक है। स्वतंत्र अगला दिन बाहर हम तो जेल ही नहीं गए ,”पूरी दुनिया को यह बात पता होनी चाहिए कि हम जेल भी नहीं गए। हम रात भर घूम रहे थे। एक तो हमारे बालाजी हनुमान जी कि कृपा है। दूसरा थोड़ा बहुत है कपिल मिश्रा अपने बड़े भाई हैं। चिराग पासवान अपने बड़े भाई हैं। मोदी जी भी अपने बड़े भाई हैं। सबका सपोर्ट है।UGC समर्थन वाले कुछ बोलें sc /st को वही गोली ठोक दो हमलोग गरम दल वाले हैं।”
आतंकी की गिरफ्तारी की मांग
आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने खुलेआम ये कबूला कि उसी ने ये अपराध किया है तो पुलिस एक्शन को लेकर देशभर में राजनीति गरमा गई है। स्वतंत्र भारद्वाज का क्लिप 3 सितंबर 2026 वायरल हुआ, जिसके बाद निशु को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का साथ मिला। कांग्रेस नेता राहुल गाँधी के समर्थक और CJP सहित कई सामाजिक संगठन स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार 4 सितंबर 2026 को संसद मार्ग थाने पहुंचे और आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े रहे। साम होते ही इस मामले में आतंक मचा कर भागते हुए स्वतंत्र भारद्वाज को नई दिल्ली जिला पुलिस ने बुलंदशहर से गिरफ्तार कर लिया।

दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शनकारियों को दिलाया था भरोसा
नई दिल्ली जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया गया। इससे कुछ घंटे पहले ही दिल्ली पुलिस ने सीजेपी प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया था कि जुलाई में एक छात्र के पिता के साथ कथित मारपीट के मामले में उसे 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार खुद को कट्टर हिंदू बताने वाले भारद्वाज का पता लगाने के लिए कई टीमें तैनात की गई थीं। पुलिस टीम के उसे पकड़ने के लिए नैथला गांव पहुंचने से पहले ही वह बुलेट से खुर्जा की ओर भाग गया था। अधिकारियों ने बताया कि उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट पहन रखा था।
आपराधिक डराने-धमकाने की धारा जोड़ी गई
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि स्वतंत्र भारद्वाज पर आपराधिक डराने-धमकाने की धारा जोड़ी गई है। उन्होंने कहा, दिल्ली पुलिस ने निशु के पिता संजय जी की पहले से दर्ज FIR में गुंडे स्वतंत्र भारद्वाज पर SC/ST एक्ट के तहत आरोप लगाए हैं। इसमें जान से मारने की धमकी देने के लिए BNS की धारा 351(3) भी जोड़ी गई है।’
उन्होंने कहा, ‘जल्द ही स्वतंत्र भारद्वाज पर हत्या की कोशिश या गैर-इरादतन हत्या की कोशिश की धारा भी जोड़ी जाएगी। हमारे वकील अभी पुलिस स्टेशन में हैं और पुलिस से उनके वादे को पूरा करने के लिए फॉलो-अप कर रहे हैं। वह उन्हें गंभीर चोट पहुंचाने वाली धारा भी जोड़ने के लिए मना रहे हैं ताकि मामला और सख्त हो सके।’

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
छोटे भाई स्वतंत्र भारद्वाज के फंसते ही केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सम्बन्ध विच्छेद कर लिया। cjp के मामले में नाम आने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि उनका स्वतंत्र भारद्वाज से कोई संबंध नहीं है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्होंने इस मामले में स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ आधिकारिक शिकायत की है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
निशु आजाद ने राहुल गांधी से मांगी मदद
इस मामले देशभर में चर्चा इसलिए और ज्यादा होने लगी क्योंकि आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में बीजेपी ने बड़े नेताओं से संरक्षण मिलने की बात कही थी। उसने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा को अपना बड़ा भाई बताया। उसे पीएम मोदी को भी अपनी बड़ा भाई बताया, जिसके बाद विपक्ष ने इस मुद्दे पर लपक लिया है और बीजेपी पर गुंडों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। निशु आजाद ने 3 सितंबर को दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़ा करते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से मदद मांगी थी।

संसद मार्ग थाने के बाहर जनता का भारी दबाव
वहीं स्वतंत्र भारद्वाज का पॉडकास्ट वीडियो वायरल होने के बाद सीजेपी ने 3 सितंबर को दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी ने फैसला किया कि वे छात्रा निशु आजाद के पिता संजय आजाद को न्याय दिलाने के लिए 4 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन का घेराव करेंगे और विरोध प्रदर्शन करेंगे। CJP के इस ऐलान के बाद 4 सितंबर को संसद मार्ग थाने के बाहर सांसदों के साथ भारी संख्या में जनसमूह इकट्ठा हो गया।
सुबह 10 बजे से ही सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका के नेतृत्व में CJP कार्यकर्ता, पीड़िता निशु आजाद और उनके घायल पिता संजय आजाद संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे। CJP कार्यकर्ताओं के उग्र विरोध प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने थाने के बाहर भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा बल तैनात कर दिए थे। इस विरोध प्रदर्शन को बड़ा राजनीतिक मोड़ तब मिला जब आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सांसद चंद्रशेखर आजाद और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी प्रदर्शनकारियों और निशु आजाद के समर्थन में संसद मार्ग थाने पहुंच गए।
इन धाराओं में केस दर्ज करने का मिला आश्वासन
संसद मार्ग थाने पर विरोध प्रदर्शन जब धीरे-धीरे बढ़ने लगा तो पुलिस भी एक्शन में आई. थोड़ी देर बाद निशु आजाद और चंद्रशेखर आजाद ने मीडिया को बताया कि दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को अगले 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। उनके मुताबिक, पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो में जुर्म कबूलने के आधार पर FIR की समीक्षा की जाएगी और इस मामले में हत्या के प्रयास (BNS की धारा 109) और SC-ST एक्ट जैसी गंभीर धाराएं जोड़ी जा रही हैं।
बवाल बढ़ा तो स्वतंत्र भारद्वाज ने लिया यू-टर्न
ये पूरा मामला 3 सितंबर की रात तक ही गरमा गया था क्योंकि एक तरफ सीजेपी ने थाने के बाद प्रदर्शन की बात कही थी। दूसरी तरफ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से सपोर्ट मिलने के बाद ये तय हो चुका था कि दिल्ली में 4 सितंबर को ये मामला जोर पकड़ेगा। बवाल बढ़ता देख आज सुबह आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज मीडिया के सामने आया और उसने अपने वायरल पॉडकास्ट वाले बयान से पूरी तरह यू-टर्न ले लिया। उसने दावा किया कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट है।
स्वतंत्र भारद्वाज ने कहा, ‘जंतर-मंतर पर 10-15 लोगों की भीड़ ने मुझे घेर लिया था और मेरी मॉब लिंचिंग करने की कोशिश की। मैंने केवल सेल्फ-डिफेंस में हाथ चलाया था, जिससे मेरे हाथ में पहने कड़े से संजय आजाद के सिर पर चोट लग गई।’ उसने ये भी कहा कि नेताओं के फोन आने से पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, बल्कि वह जांच में सहयोग कर रहा था।
नरेंद्र मोदी, अमित शाह, बीजेपी और आरएसएस देश के गद्दार – राहुल गाँधी
निशु आजाद के पिता संजय आजाद ने 4 सितंबर की सुबह कहा कि जंतर-मंतर पर उन पर अचानक हमला किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावर ‘जय भीम’ के नारों से नाराज थे, जिसके बाद उन पर जानलेवा हमला किया गया और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं। CJP ने कहा है कि अगर 72 घंटे में स्वतंत्र भारद्वाज जेल की सलाखों के पीछे नहीं गया तो यह आंदोलन और बड़ा रूप लेगा। आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज को अब यूपी के बुलंदशहर ने पुलिस ने गिराफ्तार कर लिया है।


