तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति विजय का शपथ “जनता के लिए, जनता के साथ”

मैं ईमानदारी और मेहनत से इस राज्य को आगे ले जाऊँगा।” उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और ड्रग्स व अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” की घोषणा की।

DrashtaNews

द्रष्टा डेस्क। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में रविवार सुबह १० बजे तमिलनाडु की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। । अभिनेता से नेता बने थलापति विजय, ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर राज्य के राजनीतिक इतिहास का नया अध्याय लिख दिया है। उनके साथ तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) पार्टी के नौ विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। यह अवसर तमिलनाडु में नई राजनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।

शपथ ग्रहण का भव्य आयोजन
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में हजारों समर्थकों की गूंज से पूरा स्टेडियम थलापति के नाम से गूंज उठा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, अभिनेत्री त्रिशा कृष्णन, विजय के माता-पिता एस.ए. चंद्रशेखर और शोभा चंद्रशेखर, सहित मंच पर कई राजनीतिक बड़ी हस्तियां मौजूद थीं। राहुल गांधी ने विजय से गर्मजोशी से हाथ मिलाया और कहा कि यह दक्षिण भारत में “एक नई शुरुआत” का संकेत है।

विजय की पहली घोषणा और हस्ताक्षर
शपथ लेने के तुरंत बाद विजय ने तीन महत्वपूर्ण फैसलों पर दस्तखत किए-
घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली
महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष टास्क फोर्स का गठन
ड्रग्स नियंत्रण और पुनर्वास के लिए विशेष अभियान की शुरुआत

उन्होंने कहा, “मेरा कोई शाही परिवार नहीं है। लोगों ने मुझे स्वीकार किया है। मैं झूठे वादों से जनता को धोखा नहीं दूंगा।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विजय को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा —
“थिरु सी. जोसेफ विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर हार्दिक शुभकामनाएँ। केंद्र और राज्य मिलकर तमिलनाडु के विकास के लिए साथ काम करते रहेंगे।”

 13 मई तक बहुमत साबित करने का निर्देश
इस बार के विधानसभा चुनावों में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। 234 सीटों वाली विधानसभा में विजय की पार्टी TVK सबसे बड़ी बनकर उभरी और उसने कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK और IUML के समर्थन से सरकार बनाई। कुल 120 विधायकों के समर्थन के साथ TVK गठबंधन बहुमत के आंकड़े से दो सीट आगे है। राज्यपाल ने सरकार को 13 मई तक बहुमत साबित करने का निर्देश दिया है।

कैबिनेट में नए और अनुभवी चेहरे
विजय के साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों में शामिल हैं:
• के.ए. सेंगोट्टैयन – सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD)
• आधव अर्जुन – खेल एवं आबकारी विभाग
• एन. आनंद – नगर प्रशासन
• वेंकटरमनन – शिक्षा विभाग
• राजमोहन अरुमुगम – आदिद्रविड़ कल्याण
• टी.के. प्रभु – वाणिज्य कर
• डॉ. अरुण राज – पंजीकरण विभाग
• आर. निर्मल कुमार – बिजली विभाग
• एस. कीर्तना – सबसे युवा मंत्री (29 वर्ष), विभाग अभी तय नहीं

इनमें से कई चेहरे युवा हैं और कुछ, जैसे सेंगोट्टैयन, अनुभवी नेता रह चुके हैं।अपने पहले संबोधन में विजय ने कहा, “तमिलनाडु लगभग 10 लाख करोड़ रुपये के कर्ज में है। प्रशासन की जिम्मेदारी लेने के बाद ही असली चुनौतियाँ दिखती हैं, लेकिन मैं ईमानदारी और मेहनत से इस राज्य को आगे ले जाऊँगा।” उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और ड्रग्स व अपराध के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” की घोषणा की।

तमिलनाडु की सोच में बदलाव का संकेत

1967 में DMK के सत्ता में आने के बाद यह पहली बार है कि डीएमके और एआईएडीएमके के अलावा किसी अन्य दल ने सरकार बनाई है। विजय का मुख्यमंत्री बनना सिर्फ एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि तमिलनाडु की सोच में बदलाव का संकेत माना जा रहा है। एक ऐसा परिवर्तन जो फिल्मी पर्दे के नायक को ज़मीनी राजनीति का नेता बना गया है।
थलापति विजय की यह ऐतिहासिक जीत तमिलनाडु की राजनीति में नई ऊर्जा लेकर आई है। जहाँ उनके सामने आर्थिक चुनौतियाँ और प्रशासनिक सुधार की लंबी राह है, वहीं जनता की उम्मीदें भी उतनी ही ऊँची हैं। विजय ने अपनी पहली बात में कहा , “राजनीति सेवा का माध्यम है, शोहरत का नहीं।” यह बयान ही संकेत है कि दक्षिण भारत में अब एक नई राजनीतिक धारा जन्म ले चुकी है। “जनता के लिए, जनता के साथ।”

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