
सत्ताधीशों के खिलाफ लोकतान्त्रिक अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे जेन जी ने सत्ताधीशों के मन में दहशत भर दिया है। CJP ने अपने चेतावनी भरे ऐलान के मुताबिक आज 10 अक्टूबर से दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू हो चुका है। लेकिन आज प्रदर्शन के पहले दिन लोकतंत्र पर सरकारी तंत्र का प्रपंच भारी रहा। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP ) ने SIR और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया था।
एक न्यूज़ एजेंसी के अनुसार आज प्रदर्शन के पहले ही दिन अभिजीत दीपके , सौरव दास, आशुतोष रांका, ध्रुव राठी समेत 7000 लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। CJP को समर्थन देने जंतर -मंतर आ रहे किसान संगठनों और कई समाज सेवकों को पुलिस ने उनके घरों में ही कैद कर दिया है।
लोकतान्त्रिक सत्ता में तानाशाही के लिए कोई स्थान नहीं हैं। प्रपंचों षड्यंत्रों के सहारे वोट चोरी से प्राप्त सत्ता कि विदाई तय मानी जा रही है। विपक्ष के नेता राहुल गाँधी देश भर में जेन जी को साध रहे हैं। उन्हें भारी समर्थन भी मिल रहा है। नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्री चिराग पासवान जेन जी का खुले मन से समर्थन कर चुके हैं।
सांसद सरकार गिरा सकते हैं
जेन जी ने अपने पहले आंदोलन में ही कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की राजनीतिक बलि ले चुका है। जेन जी के लड़ाकों का दिल्ली में दस्तक और सहयोगियों का प्रपंच नरेंद्र मोदी की नींद उड़ा चुका है। जेन जी के भारी दबाव में किसी भी समय बैसाखी पर टिकी नरेंद्र मोदी की सत्ता को समर्थन देने वाले सांसद सरकार गिरा सकते हैं।
द्रष्टा देखा रहा है कि जेन जी से घबराये और डरे नरेंद्र मोदी ने अपनी सुरक्षा के लिए 46 हज़ार पुलिस और अर्धसैनिक बलों को दिल्ली में उतार दिया है। रावण को मारने के लिए श्री राम ने जब समंदर पर सेतु बनाकर लंका को चारो ओर से घेर लिया तब अहंकारी रावण के लिए वह निर्णायक रात अंतिम और भारी लगने लगी। अब नरेंद्र मोदी के लिए भी यही रात अंतिम यही रात भारी लग रही है।
डर के साये में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
डर के साये में रात गुजार रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सत्ताधीशों ने देश के कोने -कोने से पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों को 2 दिन पहले ही दिल्ली बुला लिया था। जेन जी के क्रांतिवीरों को रोकने के लिए 20 हज़ार दिल्ली पुलिस और 23 हज़ार अर्ध सैनिक बलों के लगभग 46 हज़ार से अधिक जवानों को केंद्र सरकार ने शामिल किया है। इनमें CRPF, SSB, RAF, ITBP और CISF की कंपनियां शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के लिए केंद्र सरकार ने दिल्ली से सटे हरियाणा, उत्तर प्रदेश की सीमा पर बॉर्डर सेक्योरिटी फोर्स (BSF) को पहरेदारी दे दी है।
जिसके बाद राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के मद्देनजर कई बड़े फैसले प्रशासन द्वारा लिए गए हैं। एक तरफ अनुमति ना मिलने के बाद भी अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन ने एहतियातन कई सुविधाओं के बंद रखने का फैसला लिया है। सीजेपी के प्रस्तावित प्रदर्शन का असर मेट्रो, रेलवे, बाजारों, शराब की दुकानों और सड़क यातायात पर पड़ा है।
नई दिल्ली इलाके में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गयी है। DMRC ने पुलिस के अनुरोध पर 57 मेट्रो स्टेशनों के गेट शुक्रवार रात 9 बजे से बंद करने का फैसला लिया है। नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाली 38 ट्रेनें रद्द की गई हैं। दिल्ली आने वाली लगभग 40 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और दिल्ली से जाने वाली लगभग 35 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
अब तक कुल मिलाकर लगभग 75 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद्द की गई हैं। कनॉट प्लेस के बाद भागीरथ पैलेस और चांदनी चौक के बाजार बंद रखने व दुकानों, कार्यालयों और रेस्तरां को भी बंद रखने की सलाह दी गई है। कुछ शिक्षण संस्थानों की कक्षाएं ऑनलाइन करने और ऑफिसों को वर्क फ्रॉम होम पर विचार करने की सलाह दी गई है।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके को मुंबई से दिल्ली पहुंची फ्लाइट के अंदर से ही हिरासत में ले लिया गया। उनके साथ CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को भी पुलिस अपने साथ ले गई। CJP ने सुबह 10 बजे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बुलाया था, लेकिन कई जगह 3 से 5 लेयर की बैरिकेडिंग लगाकर समर्थकों को रोका गया। अब तक 7 हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है और दिल्ली में 38 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।
ध्रुव राठी की एंट्री से घबराई सरकार
दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दूसरे आंदोलन में मशहूर यू ट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल हो गए हैं। नरेंद्र मोदी की सत्ता को सीधी चुनौती देने वाली पोल खोल वीडियो के लिए ध्रुव राठी मशहूर हैं। हरियाणा के रहने वाले ध्रुव राठी के करोड़ों प्रसंशक हैं।
साल 2024 के संसदीय चुनाव में 400 पार सीट लाने की बात करने वाले नरेंद्र मोदी और उनकी सत्ता को 240 सीटों पर समेटने में ध्रुव राठी के वीडियो की बड़ी भूमिका थी। अभिजीत दीपिके, सौरव दास, आशुतोष रांका, ध्रुव राठी सत्ता के खिलाफ इंडिआ गठबंधन के नेताओं से कहीं अधिक काउंटर हमलावर हैं । अभी तक कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को परदे के पीछे से ही समर्थन देते रहे हैं। वह अब अपने असली भूमिका को स्पष्ट कर रहे हैं।
द्रष्टा को स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार भयंकर डरी हुई है और अपनी सत्ता बचाने के लिए पुलिस और गुंडों के सहारे अंतिम लड़ाई लड़ने की असंवैधानिक और अनैतिक प्रयास कर रही है। 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस तानाशाही पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने टीप्पणी करते हुए सरकार को कहा था कि मक्खी को मारने के लिए हथौड़े का प्रयोग नहीं करना चाहिए। 46 हज़ार से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों को मैदान में उतार कर शक्ति का प्रदर्शन कर नरेंद्र मोदी ने अपनी कमजोरी और डर का प्रमाण दे दिया है।



