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बीजेपी को समर्थन देने वाले किसानों की मांग पूरी करेगी योगी सरकार ?
कृषि बिल 2020 के विरोध में किसान सड़कों पर उतरे थे। चारों तरफ केन्द्र और बीजेपी सरकार के प्रति आक्रोश का शोर सुनाई दे रहा था। किसानों ने साल भर तक पूरी दिल्ली को घेर रखा था। कृषि बिल तो केन्द्र ने वापस ले लिए लेकिन MSP(न्यूनतम समर्थन मूल्य) कानून अब तक नहीं बन सका है। चुनाव में राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं को जाति-पाति में उलझाकर और धर्म के नाम पर डराकर अपना काम निकाल लिया। आज बीजेपी उत्तर प्रदेश में दोबारा सरकार बनाने जा रही है। और योगी आदित्यनाथ लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं।
बीजेपी सत्ता में कैसे वापसी की? इस पर विपक्ष अब भी हैरान है। ये बातें सभी जानते हैं कि किसानों के बगैर समर्थन के यूपी में किसी भी पार्टी को सत्ता हासिल नहीं हो सकती है। फिर कौन-कौन संगठनों ने और किन कारणों से बीजेपी का समर्थन किया? ऐसे प्रश्न लोगों के जेहन में अब तक है। भारतीय किसान मंच कृषि बिल 2020 के विरोध संयुक्त किसान मोर्चा के साथ था। और अब भी भारतीय किसान मंच सरकार से किसान हितों की मांग कर रहा है। भातीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र तिवारी ने यूपी चुनाव 2022 में खुलकर भारतीय जनता पार्टी का समर्थन किया। सरोजनीनगर विधान सभा क्षेत्र में भी बीजेपी के प्रत्याशी राजेश्वर सिंह का न केवल समर्थन किया बल्कि देवेन्द्र तिवारी चुनाव प्रचार में भी शामिल रहे।

देवेन्द्र तिवारी ने ‘द्रष्टा’ से बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनना तय था। जब किसान केन्द्र सरकार के विरोध में दिल्ली घेरकर बैठे थे, तो विपक्षी धरनारत किसानों के संघर्षों पर अपनी राजनीतिक रोटिया सेंक रहे थे। सपा-कांग्रेस व अन्य विपक्षी दल भाजपा से नाराज लोगों के बल पर चुनावी ताल ठोक रहे थे। इस चुनाव में भाजपा के विरोधी दलों को मिली हार एक सबक है। देवेन्द्र तिवारी ने कहा कि पिछले 10 सालों से गायों के संरक्षण संवर्धन से जुड़े अभियानों को संचालित कर रहा हूँ। कई बार मुझे जान से मारने की धमकियां मिली, मुझ पर हमले हुए फिर भी भारतीय किसान मंच केवल किसान- मजदूर हितों को प्राथमिकता देता रहा है। जो भी राजनीतिक दल या नेता किसानों और मजदूरों की जरुरतोें पर बात करेगा और उनके लिए सहुलियतें देगा भारतीय किसान मंच उनका समर्थन करेगा।
देवेंद्र तिवारी ने कहा कि हमारे भाजपा को समर्थन देने का ये मतलब नहीं की अन्य राजनीतिक दलों के हम विरोधी हैं। बस पहले हमें जिसने सुनने का मौका दिया और हमने किसान हितों की बात उनके समक्ष रखी उसी दल का हमने समर्थन कर दिया। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)किसानों की सबसे प्रमुख मांग हैं। यूपी के किसान गन्ना भुगतान, बिजली भुगतान और कर्ज मांफी भी चाहते हैं। इस बात पर देवेन्द्र तिवारी ने कहा कि आज 25 मार्च को उत्तर प्रदेश की सरकार बन जायेगी। भारतीय किसान मंच अपनी राज्य स्तर की मांगों पर सरकार से बात करेगा। हमें उम्मीद है कि सरकार हमारी बात सुनेगी।
‘द्रष्टा’ देख रहा है कि पिछली सरकार में गुंडे – माफियाओं का दमन योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता थी। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता यूपी की पूरी आबादी के हजारवां भाग भी जो लोग नहीं हैं। इन आपसी गैंगवार करने वाले गुंडे माफियाओं को डराने के लिए मुख्यमंत्री ने प्राथमिकता दी है। ऐसी सोच के साथ सरकार किसान हित की बातों को सरकार कितना तवज्जो देगी। और किसानों की मांग पूरी करेगी।