‘हर ग्राम पंचायत में बनाएंगे सहकारी संस्था’- अमित शाह

शाह ने कहा कि भारत के विकास की कल्पना गांवों को एक तरफ रखकर कभी भी नहीं की जा सकती, यह बात महात्मा गांधी ने कही थी। वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महात्मा गांधी के इस मंत्र को पुनर्जीवित करने को इन 3 क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया।

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अहमदाबाद (एजेंसी )। सकल घरेलू उत्पादन (GDP) में योगदान के लिए सरकार ‘हर ग्राम पंचायत में सहकारी संस्था’ बनाने जा रही है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि देश के सकल घरेलू उत्पादन में सहकारी क्षेत्र के योगदान को 3 गुना करने का लक्ष्य रखा गया है। देश की हर ग्राम पंचायत में एक सहकारी संस्था और देशभर में 50 करोड़ से अधिक सक्रिय सहकारी सदस्य बनायेंगे।

केंद्रीय मंत्री शाह एवं मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गांधीनगर महात्मा मंदिर में नेशनल बैंक फार एग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) व इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन आफ इंडिया (IAMAI) की ओर से आयोजित एम्पावरिंग रुरल इनोवेशन फार ग्लोबल चेंज अर्थ समिट का उद्घाटन किया।
अमित शाह ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देश की इकोनामी में सबसे बड़ा योगदान करने वाला क्षेत्र बनाने के लिए ऐसे सम्मेलन का श्रृंखलाबद्ध आयोजन किया जा रहा है। भारत के विकास की कल्पना गांवों को एक तरफ रखकर कभी भी नहीं की जा सकती, यह बात महात्मा गांधी ने कही थी। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से आजादी के बाद अनेक वर्ष तक ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तीन अहम अंग कृषि, पशुपालन व सहकार क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। शाह ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद महात्मा गांधी के इस मंत्र को पुनर्जीवित करने को इन 3 क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया।

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अर्थ समिट एम्पावरिंग रुरल इनोवेशन फार ग्लोबल चेंज का उल्लेख करते हुए शाह ने बताया कि छोटे-छोटे बदलाव व नवाचार के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ नागरिकों की सुविधा कैसे बढ़ाई जाए उस दिशा में चिंता, चिंतन व चर्चा करना ही मुख्य लक्ष्य है।

इस सम्मेलन में दस हजार प्रतिनिधि, 1200 कारपोरेट, 500 से अधिक विशेषज्ञ, 300 स्टार्टअप, 30 से अधिक वर्कशाप मास्टर क्लास का आयोजन किया गया। तकनीक के बिना सहकारी क्षेत्र आगे नहीं बड़ सकता तथा छोटी सहकारी संस्थाएं सॉफ्टवेयर व डाटा स्टोरेज नहीं कर सकते इसलिए नाबार्ड इनके लिए एक सहकार सारथी पोर्टल तैयार किया गया है। ग्रामीण, जिला एवं शहर की सहकारी संस्थाओं को एक छत के नीचे लाने के साथ उन्हें निजी बैंक की तरह तकनीक से सुसज्जित करने, लीगल दस्तावेज व केवाईसी जैसे कामकाज में मदद दी जाएगी।

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शाह ने कहा कि देश में 49 लाख किसानों ने प्राकृतिक खेती को अपनाया है, उनके उत्पादन की विश्वसनीयता के लिए भारत आर्गेनिक व अमूल आर्गेनिक के साथ मिलकर भारत सरकार एक लेबोरेटरी की चैन बना रही है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए गुजरात सरकार सभी जरूरी पहल कर रही: CM पटेल
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि देश के प्रथम सहकार मंत्री शाह के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए सर्कुलर इकोनामी, ग्रीन ग्रोथ, क्लाईमेंट, एग्रीकल्चर, प्राकृतिक खेती, पशुपालन क्षेत्र में महिलाओं के योगदान एवं ग्रामीण रोजगार के उत्थान के लिए गुजरात सरकार सभी जरूरी पहल कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्थ समिट स्टार्टअप, इनोवेटर, एग्री साइंटिस्ट, स्कालर को एक मंच पर लाकर विकसित भारत का एक मजबूत प्लेटफार्म तैयार किया जायेगा। सम्मेलन में नाबार्ड के चेयरमैन शाजी केवीए ने सम्मेलन में सभी का स्वागत किया उनके साथ प्रदेश के सहकारी ढांचे को बहुत तेजी से आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने वाले गुजरात स्टेट कोआपरेटिव बैंक के चेयरमैन अजय पटेल भी मौजूद रहे।

 

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