दिल्ली में गंदगी फ़ैलाने और बिना लाइसेंसी दुकानों पर MCD अब लगाएगा भारी जुर्माना

निगम के बायलॉज के उल्लंघन पर अब तक लागू तीन माह तक की कैद और 500 से 1500 रुपये तक जुर्माने को हटाकर सिर्फ 500 रुपये तक की पेनल्टी करने का प्रस्ताव है।

DrashtaNews

नई दिल्ली। सड़कों पर गन्दगी के कारण फ़ैल रहे प्रदूषण से दिल्ली बजबजा रही है। अब दिल्ली सरकार एक बार फिर भरी जुर्माने से इसे रोकने की कोशिश में लगी है। दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर खुलेआम गन्दगी फैलाने वालों पर अब MCD भारी जुर्माना लगाएगी। सार्वजनिक खुली जगहों पर पेशाब करना या बिना लाइसेंस के ढाबा या चाय की दुकान चलाना बाहरी जुर्माने के दायरे में आने वाला है।

दिल्ली MCD जल्द ही जुर्माने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव करते हुए जुर्माने की राशि में कई गुना बढ़ोतरी करने जा रही है, जिसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भारी पेनल्टी लगेगी। उदाहरण के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पेशाब करने पर अभी जो 50 रुपये की पेनल्टी लगी है, उसे बढ़ाकर 500 रुपये करने का प्रस्ताव है। इसी तरह बिना लाइसेंस के ढाबे या चाय की दुकानें चलाने पर जुर्मना 100 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो सकता है, वहीं सार्वजनिक सड़कों पर जानवरों को बांधने या मवेशियों का दूध निकालने पर जुर्माना 100 रुपये से बढ़कर 1000 रुपये हो सकता है।

MCD अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, ये बदलाव दिल्ली नगर निगम अधिनियम, 1957 में प्रस्तावित उन संशोधनों का हिस्सा हैं, जिन्हें लोकसभा में पेश किए गए जनविश्वास विधेयक में शामिल किया गया है। इन संशोधनों का उद्देश्य नाममात्र के जुर्माने (जिनमें से कुछ 25 रुपये जितने कम थे) की जगह वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप जुर्माना तय करना है। हालांकि, इन प्रस्तावों में कई छोटे-मोटे नागरिक उल्लंघनों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का भी प्रस्ताव है, जिनमें कारावास के प्रावधान भी हटा दिए गए हैं।

प्रस्ताव के मुताबिक, गंदगी फैलाने पर पहली बार चेतावनी और दोबारा उल्लंघन पर 500 रुपये पेनल्टी लगाने का प्रावधान किया गया है। बिना अनुमति बाजार में पशु या वस्तु बेचने, निजी बाजार या अवैध बूचड़खान चलाने, बिना लाइसेंस मछली या पोल्ट्री व्यापार करने जैसे मामलों में भी पेनल्टी का प्रस्ताव है।
सार्वजनिक स्थानों पर शौच या मूत्र त्याग, दुर्गध फैलाने वाले पदार्थ रखने या सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे मामलों को भी पेनल्टी के दायरे में लाया गया है। इसके अलावा, बिना लाइसेंस लॉजिंग हाउस, भोजनालय, चाय की दुकान, थिएटर, सर्कस या अन्य सार्वजनिक मनोरंजन स्थल चलाने पर भी 1000 रुपये तक पेनल्टी लगाने का प्रस्ताव है। इसी तरह बिना लाइसेंस के घोड़े, मवेशी या अन्य पशु रखने या उनका व्यापार करने पर भी 1000 रुपये की पेनल्टी का प्रस्ताव है।
जुर्माने पर जोर
प्रस्तावित बदलावों में निगम के सफाई कर्मचारी की ओर से एक माह का नोटिस दिए बिना नौकरी छोड़ने या काम से इनकार करने पर लागू कारावास की सजा हटाने की बात भी शामिल है। वही, निगम के बायलॉज के उल्लंघन पर अब तक लागू तीन माह तक की कैद और 500 से 1500 रुपये तक जुर्माने को हटाकर सिर्फ 500 रुपये तक की पेनल्टी करने का प्रस्ताव है। सड़क पर कूड़ा फेकने, स्ट्रीट लाइट तोड़ने या उसकी रोशनी बुझाने पर जुर्माने को हटाने का भी प्रस्ताव रखा गया है। नगर निगम कानून में ये बदलाव लागू होने पर छोटे मामलों के निपटारे में आपराधिक कार्रवाई की जगह प्रशासनिक दंड व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।

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