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महाकुम्भ में संगम तट पर मची भगदड़, 15 श्रद्धलुओं की मौत
प्रयागराज। प्रयागराज। महाकुम्भ में संगम तट पर 29 जनवरी बुधवार की रात करीब डेढ़ बजे भगदड़ मच गई। सूत्रों के अनुसार मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ के दौरान 15 श्रद्धलुओं की मौत हो चुकी है। ड्यूटी में तैनात एम्बुलेंस से सभी शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा चूका है। हालांकि, प्रशासन ने मौत या घायलों की संख्या को लेकर कोई जानकारी नहीं दी।
भगदड़ के बाद प्रशासन के अनुरोध पर सभी 13 अखाड़ों ने आज मौनी अमावस्या का अमृत स्नान रद्द कर दिया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र पुरी ने कहा- संगम नोज पर अधिक भीड़ के कारण यह फैसला किया गया है। पीएम मोदी ने सीएम योगी से फोन पर बात की। उन्होंने घटना के बारे में जानकारी ली।
अफवाह के चलते मची भगदड़
बताया जा रहा है कि स्नान घाट के पास भीड़ में बेचैनी के चलते कुछ महिलाएं बेहोश होकर गिर गईं। इसके बात मची अफवाह के बाद लोग एक दूसरे को कुचलते हुए भागने लगे। सूचना पाकर दो दर्जन से अधिक एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। घायलों को महाकुंभ के केंद्रीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। तमाम आला अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गए हैं। कई शव वाहन भी मौके पर पहुंच रहे हैं, जिससे कई मौतों की आशंका जाहिर की जा रही है।
हादसे के बाद संगम तट पर NSG कमांडो ने मोर्चा संभाल लिया। संगम नोज इलाके को आम लोगों की एंट्री बंद कर दी। प्रयागराज में भीड़ और न बढ़े, इसलिए प्रयागराज शहर की सीमा वाले सभी जिलों में अधिकारियों को श्रद्धालुओं को रोकने के लिए मुस्तैद कर दिया गया है।
महाकुंभ में आज मौनी अमावस्या का स्नान है, जिसके चलते करीब 5 करोड़ श्रद्धालुओं शहर में मौजूद होने का अनुमान है। प्रशासन के मुताबिक, संगम समेत 44 घाटों पर आज देर रात तक 8 से 10 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने की संभावना है। इससे ठीक, एक दिन पहले यानी मंगलवार को साढ़े 5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। सुरक्षा के लिए 60 हजार से ज्यादा जवान तैनात हैं।