नई दिल्ली। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति की सूची में मैतेई समुदाय के लोगों को शामिल करने वाले प्रस्ताव के विरोध में 3 मई को आल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन आफ मणिपुर (ATSUM) ने एक रैली निकाली। रैली दौरान मैतेई समुदाय के लोगों ने विरोध किया और हिंसा भड़क गयी। इस जातिय संघर्ष के एक दिन बाद 4 मई को दो महिलाओं को नंगा कर सड़को गलियों में घूमाया गया। गुवाहाटी स्थित CBI की विशेष अदालत ने तीन महिलाओं को निर्वस्त्र करने और उनमें से दो के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में छह अभियुक्तों के खिलाफ आरोप तय किए हैं।
इन पर सामूहिक दुष्कर्म, हत्या और दंगा सहित 15 आरोप लगाए गए हैं।विशेष न्यायाधीश चत्र भुखन गोगोई की अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 16 जनवरी तय की है। उस दिन मणिपुर की जेल में बंद चार आरोपितों सहित सभी अभियुक्तों को व्यक्तिगत रूप से अदालत के समक्ष उपस्थित होना होगा। अन्य दो आरोपित जमानत पर बाहर हैं। यह मामला चार मई, 2023 को उन्मादी भीड़ हिंसा से संबंधित है। उस दौरान तीन पीडि़तों को निर्वस्त्र कर घुमाया गया था और उनमें से दो के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। एक पीडि़त के परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।
यह घटना काफी समय बाद तब सार्वजनिक हुई, जब एक वीडियो सामने आया और इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया। कोर्ट ने दो जनवरी को पारित आदेश में कहा-यह अदालत गवाहों के बयानों और दस्तावेज सहित सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि सभी आरोपितों के खिलाफ प्रथम दृष्टया पर्याप्त सुबूत मौजूद हैं। इसके अनुसार, प्रत्येक आरोपित के खिलाफ आइपीसी के साथ-साथ एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत आरोप तय किए गए।
मन को विचलित कर देने वाली बेहद दुखदाई इस शर्मनाक घटना का विडियो 75 दिनों बाद 19 जुलाई को सोशल मीडिया में वायरल होती है। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री बिरेन सिंह के इस्तीफे की मांग कर डाली। सरकार के हरकत में आते ही गुरुवार को मणिपुर पुलिस ने अज्ञात हथियारबंद लोगों के खिलाफ थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पुलिस स्टेशन में अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
22 जुलाई शनिवार को मणिपुर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा था कि थौबल जिले के नोंगपोक सेकमाई पीएस के तहत अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म के जघन्य अपराध के 03 (तीन) और एक मुख्य आरोपियों को आज गिरफ्तार किया गया है। सभी 4 आरोपियों को 11 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था।


