नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी में नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चर्चाएं बनी हुई है। इस बीच हर बार की तरह राष्ट्रीय अध्यक्ष की जगह बीजेपी ने बिहार सरकार में मंत्री नितिन नवीन को अपना नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है। दंगा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, सरकारी आदेशों की अवज्ञा और हिंसा से जुड़े नितिन नबीन को भाजपा ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है और वो अब जेपी नड्डा की जगह लेंगे।
बिहार की राजनीति में नितिन नवीन एक जाना-पहचाना नाम हैं। वे BJP के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में बिहार सरकार में पथ निर्माण मंत्री के रूप में कार्यरत हैं। बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने जा चुके नितिन नवीन ने अपने पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया है और संगठन व सरकार दोनों स्तरों पर अहम भूमिका निभाई है।
5 आपराधिक मामले लंबित
एडीआर (Association for Democratic Reforms) और मायनेटा (MyNeta) जैसे संगठनों के अनुसार, 2025 के चुनावी हलफनामे में नितिन नवीन ने 5 आपराधिक मामले लंबित होने की घोषणा की है। इनमें से IPC की धारा 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना) जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं। और सभी मामले कोर्ट में लंबित हैं। ये मामले 2013 से 2023 के बीच दर्ज किए गए हैं, मुख्य रूप से पटना शहर के पुलिस थानों से संबंधित।
चुनावी हलफनामे पर आधारित 2025 का विवरण
1-केस नंबर- कोतवाली पटना पीएस केस नंबर 469/2015 कोर्ट- स्पेशल कोर्ट, पटना।
IPC धाराएं- 143 (अवैध सभा में सदस्यता), 341 (गलत तरीके से रोकना), 188 (सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवज्ञा), 431 (सार्वजनिक सड़क, पुल या नदी को नुकसान पहुंचाना)।
आरोपों की प्रकृति- सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और सरकारी आदेशों की अवज्ञा से जुड़ा मामला, संभवतः प्रदर्शन या दंगे के दौरान।
केस स्थिति- लंबित (चार्ज फ्रेम नहीं हुआ, कोई अपील दाखिल नहीं)।
दिनांक- 2015 में दर्ज।
2-केस नंबर- कोतवाली पीएस केस नंबर 516/2023, पटना कोर्ट: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), पटना।
IPC धाराएं- 188 (सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवज्ञा), 147 (दंगा करना), 149 (अवैध सभा के सामान्य उद्देश्य में अपराध), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 324 (खतरनाक हथियारों से चोट पहुंचाना), 337 (जीवन को खतरे में डालने वाला कृत्य), 338 (गंभीर चोट पहुंचाने वाला कृत्य), 353 (सार्वजनिक सेवक को ड्यूटी से रोकना)।
आरोपों की प्रकृति- दंगा, हिंसा और पुलिसकर्मियों पर हमला से जुड़ा, जिसमें हथियारों का उपयोग शामिल हो सकता है। यह सबसे गंभीर मामलों में से एक है।
स्थिति- लंबित (चार्ज फ्रेम नहीं हुआ, कोई अपील दाखिल नहीं)।
दिनांक- 2023 में दर्ज।
3-केस नंबर- कोतवाली पीएस केस नंबर 1133/2019 कोर्ट: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM), पटना।
IPC धाराएं- 147 (दंगा करना), 149 (अवैध सभा के सामान्य उद्देश्य में अपराध), 188 (सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवज्ञा), 291 (नुकसान जारी रखना), 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान)।
आरोपों की प्रकृति- दंगा, बंधक बनाने और शांति भंग करने से संबंधित, संभवतः राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान।
स्थिति- लंबित (चार्ज फ्रेम नहीं हुआ, कोई अपील दाखिल नहीं)।
दिनांक- 2019 में दर्ज।
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4-केस नंबर: एस.के. पुरी पटना पीएस केस नंबर 303/2013 कोर्ट: सब जज-4, पटना (ACJM-पटना)।
IPC धाराएं- 147 (दंगा करना), 341 (गलत तरीके से रोकना), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 504 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), 353 (सार्वजनिक सेवक को ड्यूटी से रोकना)।
आरोपों की प्रकृति- दंगा, हिंसा और पुलिस पर हमला से जुड़ा। अंतिम रिपोर्ट जमा करने की तिथि: 31 मई 2015।
स्थिति- लंबित (चार्ज फ्रेम नहीं हुआ, कोई अपील दाखिल नहीं)।
दिनांक- 2013 में दर्ज।
5-केस नंबर- सचिवालय पीएस केस नंबर 56/2014 कोर्ट: श्रीमती माधुरी सिंह, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास, पटना।
IPC धाराएं- 188 (सार्वजनिक सेवक के आदेश की अवज्ञा)।
अन्य अधिनियम- बिहार पब्लिक प्रॉपर्टी डिफेसमेंट एक्ट (सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित)।
आरोपों की प्रकृति- सरकारी संपत्ति को नुकसान और आदेशों की अवज्ञा, संभवतः प्रदर्शन या राजनीतिक गतिविधि के दौरान।
स्थिति- लंबित (चार्ज फ्रेम नहीं हुआ, कोई अपील दाखिल नहीं)।
दिनांक- 2014 में दर्ज।
नितिन नवीन का राजनीतिक सफर
बिहार के कायस्थ समाज के नितिन नवीन सिन्हा का जन्म 23 मई 1980 को पटना, बिहार में हुआ। उनकी माता का नाम मीरा सिन्हा और उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा, BJP के दिग्गज नेता, जेपी आंदोलन से जुड़े, पटना (पटना वेस्ट/बांकीपुर) से कई बार विधायक। 2005 में हार्ट अटैक से मृत्यु (उम्र 55 वर्ष) के बाद 26 वर्षीय नितिन ने राजनीति में प्रवेश किया। वर्ष 2006 में पटना पश्चिम (अब बांकीपुर) से हुए उपचुनाव में नितिन नबीन पहली बार विधायक बने। इसके बाद उन्होंने 2010, 2015 और 2020 में लगातार चुनाव जीतकर बांकीपुर सीट पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एक बार फिर बांकीपुर से जीत दर्ज की। इस चुनाव में उन्हें 98,299 वोट मिले और उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की प्रत्याशी रेखा कुमारी को 51,936 वोटों से हराया।
छात्र राजनीति- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP, RSS का छात्र संगठन) से शुरुआत।
युवा मोर्चा- भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव रहे।
पहला चुनाव- 2006 में पिता की मृत्यु के बाद बांकीपुर (तब पटना वेस्ट) से उपचुनाव जीता, विधानसभा में प्रवेश।
विधायक के रूप में करियर
नितिन नवीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से अजेय रहे:2006: उपचुनाव जीत।
2010, 2015, 2020 और 2025: लगातार जीत (कुल 5 बार विधायक)।
2020 में शत्रुघ्न सिन्हा के बेटे लव सिन्हा को भारी मतों से हराया।
2025 चुनाव में RJD उम्मीदवार को 51,000+ वोटों से पराजित किया।
पार्टी संगठन में भूमिका
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव (2023) में सह-प्रभारी, BJP की जीत में महत्वपूर्ण योगदान।
पूर्वोत्तर राज्यों (जैसे सिक्किम) में प्रभारी/पर्यवेक्षक।
बिहार BJP में युवा और संगठनात्मक चेहरा, बूथ स्तर पर मजबूत पकड़।
14 दिसंबर 2025 – BJP राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त (जेपी नड्डा की जगह अंतरिम)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने युवा, मेहनती और संगठन कुशल नेता बताया।
मंत्री पद और जिम्मेदारियां
2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बनी नीतीश कुमार–सम्राट चौधरी सरकार में नितिन नबीन को कैबिनेट मंत्री बनाया गया।
वे वर्तमान में बिहार के पथ निर्माण मंत्री हैं।
इससे पहले भी वे 2021-2022 के दौरान इसी विभाग के मंत्री रह चुके हैं।
2024-2025 के बीच उन्होंने नगर विकास एवं आवास तथा कानून एवं न्याय मंत्री के रूप में भी काम किया।
इन विभागों में रहते हुए उन्होंने शहरी विकास और प्रशासनिक सुधारों पर ध्यान दिया।
संगठन में रही अहम भूमिका
पार्टी संगठन में भी नितिन नबीन की अहम भूमिका रही है। वे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा वे भाजपा के लिए सिक्किम के प्रभारी और छत्तीसगढ़ के सह-प्रभारी रहे, जहां पार्टी की चुनावी सफलता में उनकी भूमिका मानी जाती है।
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