सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, ‘गरीबों का मुफ्त इलाज करें नहीं तो Apollo को ले लेगा AIIMS
हाथरस में 100 से अधिक लोगों की मौत, पुलिस भोले बाबा की कर रही है तलाश
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सिकंदराराऊ कस्बे के फुलरई गांव में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया। यहां साकार हरि बाबा का सत्संग चल रहा था। सत्संग समाप्त होने के बाद यहां से जैसे ही भीड़ निकलना शुरू हुई तो भगदड़ मच गई। भगदड़ में अब तक 116 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हालांकि यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है।
हाथरस जिला प्रशासन ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
जनपद हाथरस में हुई दुर्घटना के दृष्टिगत जिला प्रशासन द्वारा घटना की स्थिति पर दृष्टि बनाते हुए आम लोगों की सहायता हेतु हेल्पलाईन 05722227041 तथा 05722227042 जारी किये गये हैं।
मैनपुरी में चिकित्सा तैयारी
हाथरस भगदड़ पर मैनपुरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर सी गुप्ता ने कहा कि हमें आज कल इस दुखद घटना के बारे में पता चला। हमने हाथरस और जिला अस्पताल में एम्बुलेंस भेजी हैं, डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम को सतर्क कर दिया गया है… 30 बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। अभी तक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक सत्संग से कोई भी घायल व्यक्ति यहां नहीं पहुंचा है।
हाथरस में चल रहे धार्मिक समागम में दुर्घटना की सूचना मिलते ही लखनऊ में मौजूद सीएम योगी आदित्यनाथ एक्शन में आ गए। घटना से आहत मुख्यमंत्री ने तत्काल न केवल तीन मंत्रियों को मौके पर भेजा बल्कि मुख्य सचिव और डीजीपी को भी व्यवस्थाओं को बेहतर करने तत्काल रवाना किया। देर शाम तक मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक चलती रही तो घटनास्थल पर गए मंत्रियों और अधिकारियों से मुख्यमंत्री सीधे अपडेट लेते रहे।
‘भोले बाबा’ की तलाश में अभियान
उत्तर प्रदेश पुलिस ने ‘भोले बाबा’ की तलाश में मैनपुरी जिले के राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट में तलाशी अभियान चलाया, जिन्होंने हाथरस में सत्संग आयोजित किया था। कल की भगदड़ में सौ से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।
डीजीपी ने कही यह बात
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार के मुताबिक, घटना में 116 लोगों की मौत हो गई है। हर पहलू की जांच की जा रही है। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव बोले- 80 हजार लोगों की अनुमति थी
यूपी के मुख्य सचिव ने मनोज कुमार सिंह ने बताया कि 80 हजार की अनुमति थी। मौके पर ज्यादा भीड़ जमा हो गई थी। सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था की गई थी। CM ने 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी है। डीजीपी और मुख्य सचिव ने मौके का जायजा लिया। मुख्य सचिव ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। साथ ही बोले। सीएम ने मामले में रिपोर्ट सौंपने के लिए हमें 24 घंटे का समय दिया है।
24 घंटे में घटना की होगी जांच
मंत्री संदीप सिंह बोले कि हम 24 घंटे के अंदर इस घटना की पूरी जांच करेंगे। इस रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सीएम योगी आदित्यनाथ, पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संपर्क में हैं, वे समय-समय पर इस घटना की जानकारी ले रहे हैं।”
34 जिलों के डॉक्टर्स और प्रशासन अलर्ट
यूपी सरकार के मंत्री संदीप सिंह का कहना है, ‘प्रदेश सरकार सभी घायलों को जल्द से जल्द समुचित इलाज मुहैया कराने के लिए काम कर रही है। सरकार ने आसपास के 34 जिलों के सभी प्रशासन और डॉक्टरों को अलर्ट कर दिया है। केंद्र की ओर से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जा रहे हैं और राज्य सरकार मृतकों के परिवारों और घायलों को आर्थिक सहायता प्रदान करेगी।
एसडीएम की थी अनुमति
इस कार्यक्रम की अनुमति फुलरई गांव निवासी वेद प्रकाश ने ली थी। अनुमति के लिए जो आवेदन किया था, उसमें कहा गया था 20 हजार लोगों की भीड़ इस सत्संग में जुड़ेगी। अनुमति के लिए एसडीएम के यहां आवेदन किया गया। एसडीएम ने परीक्षण के बाद अनुमति तो जारी कर दी लेकिन वहां व्यवस्थाओं को लेकर कोई इंतजाम नहीं किया गया। जबकि स्थिति यह थी कि हाईवे किनारे वाहनों की भीड़ से ट्रैफिक तक प्रभावित हो रहा था। वहां ट्रैफिक का भी कोई सिपाही तैनात नहीं किया गया था। जबकि कई प्वाइंट पर जाम की स्थिति थी।
मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम के नाम पर भीड़ जुटाई गई थी। इस आयोजन की तैयारियां पिछले कई दिनों से चल रही थीं। कुछ लोग तो दो दिन पहले ही यहां पहुंचकर डेरा जमा चुके थे। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए लोग वाहनों से पहुंचे थे। छोटे बड़े मिलाकर 1000 वाहनों की भीड़ थी। हालात यह थे कि सड़क किनारे करीब 8 किलोमीटर तक वाहनों की भीड़ नजर आ रही थी।
लोग मरते गए बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे
दोपहर को दो बजे सत्संग समाप्त होने के बाद भीड़ हाईवे किनारे खड़ी बसों की तरफ बढ़ रही थी। इस भीड़ में राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश की महिलाएं, पुरुष और बच्चे थे। जब भीड़ हाईवे की तरफ पहुंची तो सत्संग स्थल से हाईवे को जाने वाला रास्ता बंद होने लगा। इसी दौरान आयोजकों ने माइक ने घोषणा शुरू की। सेवादारों को निर्देश दिए जा रहे थे कि वह भीड़ को रोककर बाबा के काफिले को गुजारने का रास्ता बनाएं। बस फिर क्या था 250 सेवादारों का जत्था भीड़ को रोककर खड़ा हो गया। भीड़ में सबसे आगे महिलाएं बताई जा रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ लोग सेवादारों से कह रहे थे कि उन्हें जाने दो भीड़ में दिक्कत हो रही है। लेकिन सेवादारों ने उनकी एक न सुनी। बार-बार कहते रहे कि पहले बाबा गुजरेंगे उसके बाद लोग। अभी सेवादार भीड़ को हिदायत दे ही रहे थे कि बाबा का काफिला यहां से गुजरने लगा। बस फिर क्या था बाबा के करीब पहुंचने की होड़ सी मच गई। बाबा की गाड़ी को स्पर्श करने के लिए भी लोग भीड़ को चीरकर आगे बढ़ रहे थे।
करीब जाने के लिए धक्का मुक्की करने लगे। इन लोगों को सेवादारों ने डंडा दिखाकर रोकना चाहा जिससे भगदड़ मच गई। हाईवे किनारे बने गड्ढे में लोग गिरते चले गए। क्योंकि बरसात के कारण फिसलन हो रही थी लिहाजा एक के बाद एक लोग गड्ढे में गिर गए।
भगदड़ के दौरान लोग मरते रहे और बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे। किसी ने भी रुककर हालात को जानने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि यहां से बाबा का काफिला एटा की तरफ रवाना हु्आ था। बाबा के काफिले में 10 लग्जरी गाड़ियां थीं। उनका सुरक्षा दस्ता भी तीन गाड़ियों में था। घटना के बाद जब आयोजकों ने उन्हें फोन करने की कोशिश की तो किसी का भी फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में तो खुद बाबा का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। जब बाबा का फोन स्विच ऑफ हुआ तो जो स्थानीय लोग आयोजन से जुड़े हुए थे वह भी मौका देखकर भाग निकले।