Drashta News

मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी में लगातार बढ़ोत्तरी

DrashtaNews

नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी योजना (MGNREGS) में महिलाओं की भागीदारी पिछले 7 वित्तवर्ष से लगातार बढ़ रही है, और सिवाय कोविड वर्ष के इसमें कभी गिरावट नहीं आई है। इस साल तो यह अब तक के सर्वोच्च स्तर पर है, जो वित्तवर्ष समाप्त होते-होते नया रिकॉर्ड कायम कर सकती है।

आधिकारिक आंकड़ें बता रहे हैं कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (MGNREGS) में महिलाओं की भागीदारी पिछले 10 वित्तीय वर्षों की तुलना में सबसे उच्च स्तर पर पहुंच गई है।

चालू वित्तीय वर्ष  2023-24 के दौरान 26 दिसंबर तक कुल मानव-दिवस में महिला दिवसों का अनुपात 59.24% तक पहुंच गया है। इस आंकडे़ को अगर हम महिलाओं की भागीदारी के तौर पर देखें तो यह हमें लगतार बढ़ता हुआ प्रतीत होगा। क्योंकि 2022-23 में मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी की दर 57.47% और 2021-22 में 54.82% थी।

कोविड-19 महामारी (Covid-19) के दौर यानी 2020-21 के दौरान यह आंकड़ा 53.19% था और प्री-कोविड अवधि यानी  2019-20 के दौरान यह 54.78% था।

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के पोर्टल पर उपलब्ध डेटा से पता चलता है कि 2023-24 के दौरान 26 दिसंबर तक राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (NREGS) के तहत लगभग 238.62 करोड़ व्यक्ति-दिवस हैं, महिला व्यक्ति-दिवस का आंकड़ा लगभग 141.37 करोड़ या 59.24% है।

पहले की स्थिति कैसी थी?

आधिकारिक आंकड़ें बताते हैं कि 2022-23 में कुल 295.66 करोड़ में से महिलाओं की संख्या 169.90 करोड़ (57.47%) थी। पिछले 10 वित्तीय वर्षों में NREGS में महिला व्यक्ति-दिवस के कुल % आंकड़े की बात करें तो 2014-15 में 54.88%, 2015-16 में 55.26%, 2016-17 में 56.16%, 2017-18 में 53.53, 2018-19 में 54.59, 2019-20 में 54.78%, 2020-21 में 53.19%, 2021-22 में 54.82%, 2022-23 में 57.47% और 2023-24 में अब तक 59.24% है, हालांकि मार्च 2024 के वित्तीय वर्ष के अंत में इसमें मामूली बदलाव हो सकता है।  सबसे कम प्रतिशत की बात करें तो वह 2020-21 में 53.19% दर्ज किया गया था। पिछले सभी वित्तीय वर्षों के आंकड़ें ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना में महिलाओं की भागीदारी में लगातार वृद्धि का संकेत दे रहे हैं।

पिछले कुछ वर्षों में मनरेगा में केरल (89%), तमिलनाडु (86%), पुडुचेरी (87.16%) और गोवा (72%) जैसे दक्षिणी राज्यों में महिलाओं की भागीदारी दर 70% से अधिक दर्ज की गई है, वहीं उत्तरी राज्यों में यह लगभग 40% या उससे नीचे रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा 9 अक्टूबर 2023 को जारी रिपोर्ट दर्शाती है कि देश में महिला श्रम बल भागीदारी में उल्‍लेखनीय सुधार हुआ और यह दर 2023 में बढ़कर 37.0 प्रतिशत हो गई जो 2021-22 में 32.8 प्रतिशत थी।

Related post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *