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अंतरात्मा जागी और मिल गए कंचन जरीवाला, AAP को बताये ‘देशद्रोही’ और “गुजरात विरोधी”
नई दिल्ली। चुनावी जंग में हो रही बीजेपी और आप की नूरा कुश्ती ने एक नया मोड़ ले लिया है। आम आदमी पार्टी के सूरत (पूर्वी) के उम्मीदवार कंचन जरीवाला मिल गए हैं और उन्होंने सीधे RO कार्यालय पहुंचकर अपना नामांकन वापस ले लिया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने BJP पर कंचन जरीवाला के अपहरण का आरोप लगाया था। वहीं उनके मिलने पर मनीष सिसोदिया ने कहा ‘ अभी-अभी 500 पुलिस वाले उनको घेर कर RO के दफ्तर लेकर आए हैं। उनसे जबरदस्ती अपना नामांकन वापस करवाया जा रहा है। उनको RO के दफ्तर में बैठा दिया गया है और पुलिस प्रोटेक्शन में दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना नामांकन वापस ले ले। मैं चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं यह सरेआम दिनदहाड़े लोकतंत्र की लूट हो रही है।’
16 नवंबर सूरज ढलते वक्त गायब हुए उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने एक वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी पर कई गंभीर आरोप लगाए। कंचन जरीवाला AAP के सूरत पूर्व सीट से उम्मीदवार थे और वो अचानक गायब हो गए। जिसके बाद आम-आदमी पार्टी ने बीजेपी पर उसे गायब कराए जाने का आरोप लगाया।
कंचन जरीवाला ने वीडियो जारी कर अपनी पार्टी (AAP) को देशद्रोही और राष्ट्रविरोधी तक कह दिया। अपहरण की खबरों के घंटों बाद गायब हुए उम्मीदवार ने जोर देकर कहा कि उन्होंने ऐसी पार्टी का प्रतिनिधित्व नहीं करने का फैसला किया है, जो ‘देशद्रोही’ और “गुजरात विरोधी” है। जरीवाला ने वीडियो में जो कहा उसके मुताबिक, “मेरे प्रचार के दौरान लोग मुझसे पूछते थे कि मैं एक देश-विरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी का उम्मीदवार क्यों बना। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी। मैंने बिना किसी दबाव के अपना नामांकन वापस ले लिया है। मैं ऐसी पार्टी का समर्थन नहीं कर सकता।
ये वीडियो आम आदमी पार्टी के नेताओं के उम्मीदवार के “अपहरण” की शिकायत और सूरत (पूर्व) में चुनाव रद्द करने की मांग के लिए चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद आया। जरीवाला ने AAP से और कांग्रेस उम्मीदवार से जान का खतरा भी बताया। उन्होंने कहा कि मैं आगे क्या करूंगा ये आने वाले 5-7 दिन में बताऊंगा।
जरीवाला ने कहा, मेरे नामांकन वापस लेने का कारण यह था कि सूरत (पूर्व) विधानसभा में (आप) कार्यकर्ताओं ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया था। कर्मचारी पैसे की मांग करने लगे। मैं इतना सक्षम नहीं हूं कि 80 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये खर्च कर सकूं। उनकी मांग इतनी थी कि मैं उसे पूरा नहीं कर सका।
इस मामले पर अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करते हुए लिखा था, सूरत (पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला और उनका परिवार कल से लापता है। पहले बीजेपी ने उनका नामांकन रद्द करने की कोशिश की। लेकिन उनका नामांकन स्वीकार कर लिया गया। बाद में उन पर नामांकन वापस लेने के लिए दबाव डाला जा रहा था। क्या उनका अपहरण कर लिया गया है ?
वहीं इससे पहले चुनाव आयोग को शिकायत देकर बाहर आने के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा, चुनाव आयोग से हमने मांग की है कि सूरत ईस्ट में चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। हमारे उम्मीदवार को पहले किडनैप किया गया फिर बंदूक की नोक पर नामांकन वापस लिया गया। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने आज ECI से मुलाकात से पहले कहा, विधायक उम्मीदवार का कल अपहरण कर लिया गया। उसे 500 पुलिसकर्मियों ने चुनाव कार्यालय में घसीटा और बंदूक की नोक पर अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया गया। जिसके बाद उसे “अज्ञात स्थान” पर ले जाया गया।
मनीष सिसोदिया ने ये भी कहा, जरीवाला और उनके परिवार से संपर्क नहीं हो सका और उनके घर पर ताला लगा हुआ मिला। सिसोदिया ने आरोप लगाया, “उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव है। उन्हें चुनाव कार्यालय में बैठने के लिए मजबूर किया गया। मैं चुनाव आयोग को बताना चाहता हूं कि यह लोकतंत्र के लिए एक खुला खतरा है। ”
वहीं AAP के नेता राघव चड्ढा ने भी एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा, जरीवाला को पुलिस और BJP ने नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, “देखें कैसे पुलिस और BJP के गुंडे एक साथ, हमारे सूरत पूर्व के उम्मीदवार कंचन जरीवाला को रिटर्निंग ऑफिसर के कार्यालय में घसीट कर ले गए। इसके चलते उन्हें अपना नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव’ शब्द एक मजाक बन गया है।”
मनीष सिसोदिया ने कहा, BJP को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात में हारने का डर था और इसलिए उसने आप के एक उम्मीदवार का अपहरण कर लिया। सिसोदिया ने चुनाव आयोग से घटना का संज्ञान लेने और “पार्टी के उम्मीदवार और उनके परिवार के सदस्यों का पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए सभी मशीनरी लगाने” की अपील की थी।
सिसोदिया ने गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) पर भी निशाना साधा और उन पर जरीवाला का पता लगाने और उन्हें बचाने के लिए उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। आप नेता ने आरोप लगाया था, पिछले 24 घंटे से उम्मीदवार के लापता होने के बाद भी CEO
केवल यह कह रहे हैं कि जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को मामले को देखने के लिए कहा गया है। सिसोदिया और पार्टी के अन्य नेताओं ने कथित अपहरण को लेकर चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस मौके पर पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता जमा हो गए और BJP के खिलाफ नारेबाजी की।
बता दें राज्य में पहले चरण में एक दिसंबर को 89 सीट पर और दूसरे चरण में पांच दिसंबर को 93 सीट पर मतदान होगा। मतगणना आठ दिसंबर को होगी। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को चार उम्मीदवारों की 17वीं सूची जारी की है। इस सूची के साथ ही आप, राज्य की 182 सदस्यीय विधानसभा की एक सीट को छोड़कर बाकी सभी सीट के लिए पार्टी उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने केवल एक सीट भावनगर पश्चिम के लिए उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है।
गुजरात में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के मुख्य राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरने की कोशिश कर रही आम आदमी पार्टी ने अगस्त से ही उम्मीदवारों के नाम जारी करना शुरू कर दिया था।