नयी दिल्ली। भारत के शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में बड़े राजनेता भी धीरे -धीरे शामिल होने लगे हैं। सपा सांसद डिम्पल यादव , धर्मेंद्र यादव , भीम आर्मी के सांसद चंद्रशेखर रावण जैसे कई राजनेताओं ने सोनमवांग्चुक को जंतर -मंतर धरनास्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुरुवार को कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी ) के प्रदर्शन में शामिल होने जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने वहां पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक से मुलाकात की। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार कॉकरोच जनता पार्टी की बात सुन ले, सोनम वांगचुक की बात सुन ले, नहीं तो ये सरकार भी नहीं बचेगी। साथ ही उन्होंने 20 तारीख को ज्यादा से ज्यादा लोगों के प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की।
‘धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाया जाए’
अरविंद केजरीवाल ने कहा, “4 अप्रैल 2011 के दिन यहां अन्ना हजारे बैठे थे। 2011 में तब की सरकार (कांग्रेस नेतृत्व वाली) बहुत अहंकार में थी। तीन साल बाद उनकी सरकार नहीं बची। आज 2026 है, अगर सरकार ने बात नहीं सुनी तो 2029 में इनकी भी सरकार नहीं बचेगी। धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाए।”

अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, ”नीट का पेपर लीक हुआ उन्होंने क्या किया? 2024 पेपर लीक का जो मास्टर माइंड था उसको बेल कर दी। देश का युवा कब तक बर्दाश्त करेगा? नीट के पेपर के बाद 20 से ज्यादा बच्चों ने आत्महत्या कर ली लेकिन इनके ऊपर जूं नहीं रेंगी । इन्होंने उनके खिलाफ FIR तक नहीं की, गिरफ्तार तो दूर की बात है।”
इस सिस्टम को बदलना पड़ेगा
अगले साल फिर पेपर लीक होगा और अगले साल बच्चे फिर आत्महत्या करेंगे। इस सिस्टम को बदलना पड़ेगा. लद्दाख और देश के लिए उन्होंने पहले भी कई अनशन किए। मैं सब लोगों से, देश के कोने कोने से लोगों से अपील करना चाहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में 20 तारीख को यहां पहुंचें। ”
पेपर लीक देश के लिए बहुत खतरनाक बात
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ” मैंने भी आईआईटी का पेपर दिया था लेकिन उन दिनों में पेपर लीक नहीं होते थे। मेरे दोनों बच्चों आईआईटी से हैं, मेरे बच्चों के टाइम पर भी पेपर लीक नहीं होते थे लेकिन आज जिस तरह से कुछ सालों से पेपर लीक हो रहे हैं, बच्चों का कॉन्फिडेंस लड़खड़ाने लगा है। ये देश के लिए बहुत खतरनाक बात है। हर साल पेपर लीक हो रहे हैं । पेपर लीक होते हैं, कमेटी बनती है, एफआईआर होती है, गिरफ्तारी होती है, बेल मिल जाती है और फिर अगले साल पेपर लीक की तैयारी शुरू हो जाती है।”